मुंबई सीएसटी स्टेशन के पास गुरुवार शाम को हुए एफओबी हादसे में जहां 6 लोगों की मौत हो गई वहीं कई अन्य लोग घायल हो गए। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि जब पुल ढहा तब पास के सिग्नल पर लाल बत्ती के चलते ट्रैफिक रुका हुआ था और इसी कारण ज्यादा मौतें नहीं हुई।
सीएसटी टर्मिनस के पास स्थित इस पुल को आम तौर पर ‘कसाब पुल’ के नाम से जाना जाता है क्योंकि 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले के दौरान आतंकवादी इसी पुल से गुजरे थे।
अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि आज सुबह पुल पर मरम्मत कार्य चल रहा था इसके बावजूद इसका इस्तेमाल किया गया। बड़ी बात यह है कि केवल 6 महीने पहले हुए स्ट्रक्चरल ऑडिट रिपोर्ट में इस पुल को प्रयोग के लिए फिट घोषित किया गया था।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस ने मृतकों के परिजन के लिए पांच-पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि 40 साल पुराने इस पुल के गिरने की जांच एक उच्चस्तरीय समिति करेगी।
इस त्रासदी ने सर्वेक्षण की गुणवत्ता पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। दो वर्ष पहले नगर पालिका द्वारा नियुक्त ठेकेदारों ने मुंबई के सभी 314 पुलों, सबवे और स्काईवॉक का ऑडिट किया था। हादसे के बाद बीएमसी कमिश्नर ने इस पुल के स्ट्रक्चरल ऑडिट से जुड़े सभी दस्तावेजों को जब्त करने का आदेश दिया है। दस्तावेजों को देखने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।