रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को 'बुलेट ट्रेन' परियोजना की प्रगति पर एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया। केंद्रीय मंत्री ने एक्स पर पोस्ट में कहा कि बुलेट ट्रेन परियोजना की प्रगति जारी है। 21 नवंबर तक 251.40 किमी तक खंभे (पिअर) और 103.24 किमी तक वायाडक्ट ब्रिज बनाने का कार्य पूरा हो चुका है।
देश की पहली मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना को पूरा करने के लिए तेजी से कार्य जारी है। इसी कड़ी में नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) ने एक और मील का पत्थर हासिल किया है। बुलेट ट्रेन परियोजना का प्रबंधन कर रही कंपनी एनएचएसआरसीएल ने 100 किमी वायाडक्ट पुल और 250 किमी पिअर का काम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। वायाडक्ट लंबा पुल जैसी संरचना होती है जो रेलवे लाइन निर्माण के लिए ऊंचे खंभों के बीच लगाई जाती है।
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रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को 'बुलेट ट्रेन' परियोजना की प्रगति पर एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया। केंद्रीय मंत्री ने एक्स पर पोस्ट में कहा कि बुलेट ट्रेन परियोजना की प्रगति जारी है। 21 नवंबर तक 251.40 किमी तक खंभे (पिअर) और 103.24 किमी तक वायाडक्ट ब्रिज बनाने का कार्य पूरा हो चुका है।
एनएचएसआरसीएल ने एक बयान में कहा कि बुलेट ट्रेन परियोजना ने 40 मीटर लंबे फुल स्पैन बॉक्स गर्डर्स और सेगमेंट गर्डर्स के लॉन्चिंग के माध्यम से 100 किमी वायाडक्ट के निर्माण का एक और मील का पत्थर हासिल किया। परियोजना के लिए 250 किमी का पिअर का काम भी पूरा हो गया है। एनएचएसईसीएल ने बयान में कहा कि परियोजना में छह नदियों पर पुल निर्माण शामिल है और सभी गुजरात में हैं।
वहीं, एमएएचएसआर कॉरिडोर ट्रैक सिस्टम के लिए आरसी ट्रैक बेड का बिछाने भी सूरत में शुरू हो गया है। बयान में कहा गया है कि भारत में पहली बार जे-स्लैब गिट्टी रहित ट्रैक प्रणाली का उपयोग किया जा रहा है। साथ ही, गुजरात के वलसाड जिले में पहाड़ में 350 मीटर की सुरंग को तोड़ने का काम पूरा हो चुका है और 70 मीटर लंबाई का पहला स्टील पुल गुजरात के सूरत जिले में बनाया गया है। एनएचएसआरसीएल ने इसी साल अक्तूबर में सूरत में नेशनल हाईवे-53 पर 70 मीटर लंबे पहले स्टील ब्रिज का सफलतापूर्वक निर्माण करके परिजोयना में पहला महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया था।
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भारत सरकार का लक्ष्य 2026 तक गुजरात में सूरत-बिलिमोरा खंड पर बुलेट ट्रेन शुरू करने का है। जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी द्वारा वित्त पोषित इस परियोजना को सितंबर 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तत्कालीन जापानी पीएम शिंजो आबे द्वारा लॉन्च किया गया था। बुलेट ट्रेन द्वारा मुंबई और अहमदाबाद के बीच 508 किमी की दूरी लगभग साढ़े तीन घंटे में तय करने की उम्मीद है।