महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों खींचतान जारी है। इस बीच एनसीपी नेता सुप्रिया सुले ने अजित पवार गुट के खिलाफ निशाना साधा है। उन्होंने आश्चर्य जताते हुए कहा कि मुझे समझ नहीं आता कि अजित गुट के नेताओं ने हमारे सांसद श्रीनिवास पाटिल, मोहम्मद फैजल, फौजिया खान और वंदना चव्हाण को अयोग्य घोषित करने की मांग क्यों की। हमारे यह सांसद तो बेहतर काम कर रहे हैं। बता दें, पाटिल (सतारा), फैजल (लक्षदीप) से सांसद हैं। वहीं, खान और चव्हाण राज्यसभा से सांसद हैं।
बता दें, अजित गुट के नेताओं ने सांसदों को अयोग्य ठहराने के लिए याचिका दायर की थी। याचिका में पार्टी संस्थापक शरद पवार (राज्यसभा), सुप्रिया सुले (बारामती), और अमोल कोल्हे (शिरूर) का नाम शामिल नहीं है।
सुले ने अपने सांसदों का लिया पक्ष
सुले ने कहा कि पाटिल 83 साल के हैं। सतारा से सांसद हैं। वे अपने काम में बेहद कुशल हैं। सतारा ही नहीं पूरा प्रदेश जानता है कि वह कितना अच्छा काम करते हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग, तो कुछ नया ही है, जो मैं देख रही हूं। मुढे समझ ही नहीं आ रहा कि आखिर उन्होंने ऐसा किया क्या, जो उनपर कार्रवाई की मांग हो रही है। मुझे भी नहीं पता कि उन्हें पीड़ित क्यों बनाया गया। सुले ने आगे कहा कि फैजल लक्षदीप के सांसद हैं। युवाओं का प्रतिनिधि हैं। वे कुछ नया करना चाहते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग समझ नहीं आ रहा।
उपराष्ट्रपति ने की मांग
सुप्रिया ने आगे कहा कि फौजिया और वंदना के कामों की उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और राज्यसभा के सभापति ने भी सराहना की है। हमने तो प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। क्योंकि उन्होंने मणिपुर मुद्दे पर लाए गए विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव के दौरान भाजपा के पक्ष में मतदान किया। बता दें, पटेल राज्यसभा सांसद हैं। वहीं, तटकरे रायगढ़ के सासंद हैं।