मुलायम सिंह यादव की बहू और समाजवादी पार्टी की नेता अपर्णा यादव ने कांग्रेस की नई महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा की जमकर तारीफ की। अपर्णा ने प्रियंका के औपचारिक तौर पर राजनीति में उतरने को बेहतर संकेत बताया। प्रियंका को पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रभार दिया गया है और फिलहाल उन्होंने लखनऊ में डेरा डाला हुआ है।
एनडीटीवी से बात करते हुए अपर्णा ने 2017 के विधानसभा चुनाव को भी याद किया। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस और सपा के गठबंधन ने शीला दीक्षित को मुख्यमंत्री चेहरे के तौर पर पेश किया था तो ये कोई अच्छा विकल्प नहीं था। अगर तब प्रियंका गांधी वाड्रा को सीएम के तौर पर एलान किया जाता तो नतीजे बेहतर होते।
अपर्णा ने 2017 का विधानसभा का चुनाव समाजवादी पार्टी के टिकट से लड़ा था और वो भाजपा की नेता रीता बहुगुणा जोशी से हार गई थीं। अपर्णा अखिलेश यादव के चचेरे भाई प्रतीक यादव की पत्नी हैं। यह पहली बार नहीं है जब अपर्णा ने अखिलेश के खिलाफ जाकर कोई बयान दिया है। इससे पहले जब शिवपाल यादव और अखिलेश के बीच अनबन हुई थी तो अपर्णा ने शिवपाल के पक्ष में बोला था।
अपर्णा ने सपा और बसपा के गठबंधन पर कहा कि दोनों ही पार्टियां बहुत मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। भैया अखिलेश और मायावती ने भले कार्यकर्ताओं को साथ रहकर काम करने के लिए समझाया हो लेकिन वो आपस में झगड़ते रहते हैं। चुनाव लड़ने के सवाल पर अपर्णा ने कहा कि अगर उन्हें सपा की तरफ से कोई सीट मिलती है तो वो जरूर लड़ने के बारे में सोचेंगी।
अपर्णा ने शिवपाल यादव की प्रगतिशील समाजवादी पार्टी में शामिल होने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वह अपने चाचा शिवपाल यादव को पूरा समर्थन देंगी लेकिन फिलहाल उनका लक्ष्य नेताजी यानी मुलायम सिंह यादव को मैनपुरी से चुनाव जिताना है।