मुलायम सिंह यादव।
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उन्होंने आगे बताया, अगली सुबह शपथ ग्रहण था, इसलिए हमने पूरी रात आंध्र भवन में बिताई और एक संकल्प पर काम करने की कोशिश की। सुबह तक हम चर्चा कर रहे थे। मुद्दा यह था कि अगर प्रधानमंत्री बदले जाते हैं, तो कैबिनेट के ढांचे को भी बदलने की जरूरत होगी। फिर दावे और प्रतिदावे होंगे क्योंकि बहुत सारी पार्टियां थीं। तो आखिर में मैंने सुझाव दिया कि हमारे पास एक ही कैबिनेट है और केवल प्रधानमंत्री को बदल दें, जब तक यह स्वीकार किया जाता, तब तक सुबह हो चुकी थी।