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अल्पसंख्यकों के लिए भारत है स्वर्ग और पाकिस्तान है नरक जैसाः मुख्तार अब्बास नकवी

Thu, 31 Oct 2019 02:13 AM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी
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सामुदायिक सौहार्द और सहनशीलता भारत में बहुसंख्यक समुदाय के डीएनए में शामिल है और देश में अल्पसंख्यक समुदाय के सामाजिक, धार्मिक व सांविधानिक अधिकार पूरी तरह सुरक्षित हैं। यह बात केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने बुधवार को आए अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल से कही।

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अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता मामलों के अमेरिकी राजदूत सैमुअल ब्राउनबैक के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल के साथ नकवी ने करीब एक घंटा लंबी बैठक की। सूत्रों का कहना है कि इस दौरान नकवी ने उन्हें भारत सरकार की तरफ से अल्पसंख्यकों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक सशक्तीकरण के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी। सूत्रों के मुताबिक, प्रतिनिधिमंडल ने मोदी सरकार के अल्पसंख्यक कार्यक्रमों की सराहना की।

पाक अल्पसंख्यकों के लिए नरक     

केंद्रीय मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल से कहा कि अल्पसंख्यकों के लिए भारत एक स्वर्ग जैसा है, जबकि इसके उलट पाकिस्तान अल्पसंख्यकों के लिए नरक सरीखा साबित हो रहा है। उन्होंने कहा, धर्म, विश्वास, संस्कृति और भाषा में विभिन्नता के साथ भारत पूरे विश्व के लिए ‘अनेकता में एकता’ का सशक्त उदाहरण है। उन्होंने दावा किया कि 2014 में मोदी सरकार के पहली बार कार्यकाल शुरू करने के बाद से देश में कोई बड़ा धार्मिक दंगा नहीं हुआ है।

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आपराधिक घटनाओं को न दें सामुदायिक रंग

अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की तरफ से अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा से जुड़ी मीडिया रिपोर्टों की तरफ ध्यान दिलाए जाने पर नकवी ने स्पष्ट कहा कि आपराधिक घटनाओं को सामुदायिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, कानूनी संस्थाओं की तरफ से ऐसी आपराधिक घटनाओं के दोषियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए गए हैं।

 अब पढ़ाई बीच में नहीं छोड़ रहे अल्पसंख्यक

नकवी ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद अल्पसंख्यकों की बीच में ही स्कूल छोड़ने की दर घटी है। उन्होंने कहा, सरकार के विभिन्न छात्रवृत्ति कार्यक्रमों के चलते 2014 से पहले अल्पसंख्यकों का 70 फीसदी स्कूल ड्रॉपआउट का आंकड़ा घटकर 35 फीसदी पर आ गया है। उन्होंने दावा किया कि सरकार इसे शून्य फीसदी तक लाने की दिशा में मेहनत कर रही है।
 
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