फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुकेश अंबानी कर्ज चुकाने के लिए बेचेंगे कई कंपनियों में हिस्सेदारी

Thu, 18 Apr 2019 02:14 AM IST
गौरव द्विवेदी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • 3 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है कंपनी पर कुल कर्ज
  • 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा राशि मिलेगी रिफाइनिंग में हिस्सेदारी बेचने पर
विज्ञापन
मुकेश अंबानी (फाइल फोटो)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

देश के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी को धन जुटाने के लिए अपनी कई कंपनियों में हिस्सेदारी बेचेंगे। इस दिशा में सबसे बड़ा करार सऊदी अरब की तेल उत्पादक कंपनी सऊदी अरामको के साथ हो रहा है, जबकि जापान की कंपनी के साथ ईथेन फर्म को लेकर सौदेबाजी चल रही है। जानकारों का मानना है कि इस कदम से रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) पर बढ़ते भारी-भरकम कर्ज को चुकाने में मदद मिलेगी।

विज्ञापन


दरअसल, आरआईएल ने टेलीकॉम क्षेत्र में प्रवेश के लिए जियो की ओर से भारी-भरकम निवेश किया है। इससे कंपनी पर कुल कर्ज बढ़कर करीब 3 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि समूह का कुल बाजार पूंजीकरण करीब 8.5 लाख करोड़ रुपये है। ऐसे में कर्ज की कुल हिस्सेदारी पूंजीकरण के मुकाबले 35.29 फीसदी पहुंच गई है। दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली तेल रिफाइनरी कंपनी सऊदी अरामको के साथ आरआईएल रिफाइनरी और पेट्रो कारोबार की 25 फीसदी हिस्सेदारी बेचने को लेकर सौदेबाजी कर रही है।

इस सौदे से कंपनी को 1.05 लाख करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि वैश्विक निवेशक फर्म गोल्डमैन सैक्स ने कंपनी को इसका सुझाव दिया था। दूसरी ओर, जापान की मित्सुई ओएसके लाइंस (एमओएल) के साथ ईथेन ढोने वाली बड़ी मालवाहक जहाजों का संचालन करने वाली 6 फर्मों की हिस्सेदारी बेचने को लेकर भी बातचीत चल रही है। इसकी कीमत का खुलासा कंपनी ने नहीं किया है।
विज्ञापन


अमेरिका से मंगाते हैं ईथेन

आरआईएल के कार्यकारी निदेशक पीएमएस प्रसाद ने बताया कि कंपनी बड़े मालवाहक का इस्तेमाल अमेरिका से 16 लाख टन ईथेन के आयात में करती है। उन्होंने कहा कि एमओएल के साथ इस सौदेबाजी का हम स्वागत करते हैं। एमओएल के उपाध्यक्ष तकेशी हशीमोतो ने कहा कि इस करार से कंपनी को छह विशेष पोत मिल जाएंगे। इससे कंपनी की क्षमता में और विस्तार होगा। अभी इसके पास 850 मालवाहक पोत हैं।

259 साल पुरानी कंपनी खरीदेगी रिलायंस

मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाली रिलायंस रिटेल ब्रिटेन की 259 साल पुरानी खिलौना बनाने वाली कंपनी हेमलेज में हिस्सेदारी खरीदने पर बातचीत कर रही है। कंपनी की मंशा अगले तीन साल में भारत में हेमलेज के 200 स्टोर खोलने की है, जो अभी 50 तक सीमित है। रिलायंस के पास वर्तमान में हेमलेज के उत्पाद बेचने का लाइसेंस भी है। 

अमेजन-फ्लिपकार्ट से हटाए उत्पाद

रिलायंस रिटेल ने बिजनेस टू कंज्यूमर मार्केटप्लेस शुरू करने से पहले अमेजन-फ्लिपकार्ट की साइट से अपने सभी उत्पाद हटाने शुरू कर दिए हैं। कंपनी के पास डीजल, केट स्पेड, स्टीव मैडन, बरबेरी, कनाली, एंपोरियो अरमानी, फुर्ला,  मार्क्स एंड स्पेंसर जैसे वैश्विक ब्रांड के उत्पाद को भारत में बेचने का अधिकार है। इनके उत्पादों को अब अमेजन-फ्लिपकार्ट से हटाया जा रहा है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें