सरकारी कंपनी एमटीएनएल ने सरकार से 4जी स्पेक्ट्रम की मांग की है और इसकी कीमत के बदले में कंपनी की हिस्सेदारी की पेशकश की है। कंपनी के सीएमडी पीके पुरवार ने कहा कि कंपनी ने 1800 और 2100 मेगाहर्ट्ज बैंड में स्पेक्ट्रम आवंटन के लिए दूरसंचार विभाग को हाल में एक पत्र लिखा है।
उन्होंने कहा कि मोबाइल टेलीफोन बाजार में विकास करने के लिए 4जी में मौजूदगी जरूरी है। कंपनी दिल्ली और मुंबई दोनों सर्किल में 4जी स्पेक्ट्रम चाहती है। कंपनी मौजूदा कारोबारी साल में ही अपनी 4जी सेवा शुरू करना चाहती है।
पुरवार ने कहा कि एक लाइसेंसर के तौर पर सरकार स्पेक्ट्रम का शुल्क लेने के लिए बाध्य है। कंपनी ने अनुरोध किया है कि यह शुल्क सरकार हिस्सेदारी के रूप में वहन करे। प्रारंभिक अनुमान से स्पेक्ट्रम खर्च करीब 6,500 करोड़ रुपये आना चाहिए।