महाराष्ट्र स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (MSRTC) द्वारा की जा रही बसों की हड़ताल को खत्म करने का फैसला लिया गया है। MSRTC की कोर कमेटी की मीटिंग में हड़ताल को वापस लेने का फैसला लिया गया। आपको बता दें कि बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी इस हड़ताल को 'अवैध' करार देते हुए इसे तुरंत प्रभाव से उसे वापस लेने का ऑर्डर जारी किया था।
#Maharashtra MSRTC strike called off, decision taken in their late night Core committee meeting. Bombay HC had also ordered to call it off pic.twitter.com/ro2vUXVo7k
— ANI (@ANI) October 20, 2017
इस वजह से की गई थी हड़ताल
MSRTC के कर्मचारी वेतन बढ़ोतरी की मांग लेकर चार दिन (16 अक्टूबर) से हड़ताल पर थे। परिवहन मंत्री दिवाकर रावते और MSRTC के अधिकारियों ने यूनियनों के साथ बातचीत के प्रयास किए थे जो कि विफल रही थी।
यूनियन से बातचीत के बाद रावते ने कहा था कि यूनियन के पदाधिकारियों ने अबतक की सबसे ज्यादा सैलरी की बढ़ोतरी की मांग की थी जिसको MSRTC द्वारा नहीं माना जा सकता था। उन्होंने कर्मचारियों से हड़ताल को खत्म करने की गुजारिश भी की थी।
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बसों की हड़ताल से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था, लोग सफर के लिए ट्रेनों का सहारा ले रहे थे जिसके चलते रेल प्रशासन को कुछ ट्रेनों में फालतू डिब्बे लगाने पड़े थे।
यात्रियों को हो रही परेशानी के लिए कर्मचारियों की यूनियन MSTRC प्रशासन को जिम्मेदार ठहरा रही थी। एक कर्मचारी ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि उन्होंने हड़ताल का नोटिस 40 दिन पहले दे दिया था। वहीं MSTRC प्रशासन का कहना था कि 40 दिन पहले नोटिस मिलने के बाद यूनियन से लगातार मीटिंग जारी थीं लेकिन इसी बीच कर्मचारियों ने हड़ताल पर जाने का फैसला कर लिया।