मध्य प्रदेश के एक निलंबित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शनिवार को नीमच से जबलपुर के लिए 700 किमी की सड़क यात्रा पर निकले। निलंबित जज आर के श्रीवास ने कहा कि अपने साथ हुए अन्याय से मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय को अवगत कराने के लिए वह जबलपुर में सत्याग्रह करेंगे।
गौरतलब कि लगातार हो रहे तबादले के विरोध में पिछले दिनों जबलपुर में उच्च न्यायालय परिसर में वह धरने पर बैठ गए थे। श्रीवास ने कहा कि जबलपुर पहुंचकर मैं अपने तबादले और निलंबन के फैसले के विरोध में सत्याग्रह करूंगा। उन्होंने कहा कि वह हर दिन 100 किलोमीटर साइकिल चलाने की कोशिश करेंगे और सात दिन में उज्जैन, सीहोर, मंडीदीप, बरेला, गाडरवाड़ा, नरसिंहपुरा के रास्ते जबलपुर पहुंचेंगे।
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श्रीवास ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका भी दायर की है। श्रीवास ने कथित तौर पर आरोप लगाया कि ट्रांसफर पॉलिसी का उल्लंघन कर महज 15 महीने में उनका चार बार तबादला किया गया और उसके बाद नीमच में नियुक्ति के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया। श्रीवास ने वर्ष 2000 में न्यायिक मजिस्ट्रेट-प्रथ श्रेणी के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। तीन साल बाद उन्हें अतिरिक्त जिला न्यायाधीश बनाया गया था।