फुटकर बाजार में प्याज भले 20 रुपये किलो या फिर 20 रुपये की सवा या डेढ़ किलो बिक रही है लेकिन मुंडेरा मंडी में बृहस्पतिवार से ट्रकों में करीब 10 हजार बोरी प्याज लेकर बैठे रीवां (मध्य प्रदेश) के खजुआ गांव के राजकुमार तिवारी, पतौता के किसान सुनील कुमार चौरसिया और महगांव के महेश कुमार समेत पांच दर्जन से अधिक किसान अपनी प्याज बिकने की बाट जोह रहे हैं। चार दिन से मंडी में बैठे इन किसानों को कोई खरीदार नहीं मिल रहा।
आढ़ती दो रुपये प्रति किलो की दर से प्याज खरीदने को तैयार नहीं हैं। दुखी किसान प्याज वापस नहीं ले जाना चाहते क्योंकि ऐसा करने पर ट्रक का भाड़ा बढ़ेगा। एक-दो दिन में प्याज न बिकने पर किसानों ने उसे मंडी में ही फेंक कर जाने का मन बना लिया है।
वे आढ़तियों से उधार लेकर ट्रक का भाड़ा अदा करेंगे। इलाहाबाद में नासिक (महाराष्ट्र) के अलावा मध्य प्रदेश के रीवां, सतना से बड़ी मात्रा में प्याज आती है। इन जिलों से प्रतिदिन 20-25 ट्रक प्याज मुंडेरा मंडी पहुंच रही है। राजकुमार, सुनील, महेश आदि किसान जब मुंडेरा मंडी माल लेकर पहुंचे, उसके पहले से यहां काफी मात्रा में प्याज आ चुकी थी, सो आढ़तियों ने रुचि नहीं दिखाई। किसान इस उम्मीद में यहां रुक गए कि एक-दो दिन में मंडी से प्याज निकलेगी तो उनका माल भी बिक जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ।