MP Politics: jyotiraditya scindia and kailash vijayvargiya
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विजयवर्गीय और सिंधिया नहीं पहुंचे शाह के कार्यक्रम में
एक विश्वस्त सूत्र ने अमर उजाला से कहा, भाजपा में नंबर दो कहे जाने वाले गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को पूरे दिन भोपाल थे। जबकि प्रदेश में होने के बावजूद सिंधिया और विजयवर्गीय ने शाह के कार्यक्रम से दूरी बनाई रखी। जबकि इंदौर से भोपाल की दूरी महज तीन घंटे की है। लेकिन ये दोनों नेता इंदौर में मुलाकात कर रहे थे। हालांकि प्रदेश के कई नेता इस कार्यक्रम में शामिल नहीं थे। लेकिन अन्य नेताओं की तुलना में विजयवर्गीय और सिंधिया शाह के हर छोटे-बड़े कार्यक्रम में न केवल उपस्थित होते हैं, बल्कि सबसे आगे भी रहते हैं। इस बार दोनों नेताओं की एक साथ दूरी बनाए रखना प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है। निकाय चुनाव के परिणाम के बाद विजयवर्गीय शिवराज सरकार के खिलाफ भी बयान दे चुके हैं। ऐसे में सिंधिया और विजयवर्गीय का मिलना प्रदेश की राजनीति में नए समीकरण के तौर पर देखा जा रहा है।
एक समय दोनों थे धुर विरोधी
इसके पूर्व एक समय में एक-दूसरे के धुर विरोधी सिंधिया व विजयवर्गीय की पुरानी अदावत उस दौरान से शुरू हुई थी, जब 2010 में एमपीसीए के चुनाव में दोनों दो बार आमने-सामने थे। उस समय इस चुनाव ने एक तरह से राजनीतिक रंग ले लिया था, खासकर विजयवर्गीय गुट ने। इसमें दोनों बार सिंधिया ने विजयवर्गीय को शिकस्त दी थी। 2020 में सिंधिया के भाजपा में शामिल होने के बाद दोनों की बीच की दूरियां लगभग खत्म हो गईं। केंद्रीय मंत्री बनने के बाद सिंधिया जब इंदौर आए थे, तो उन्होंने विजयवर्गीय के घर भोजन किया था। इस दौरान वे काफी देर तक रुके थे। इसके भी कई राजनीतिक मायने निकाले गए थे।