मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस और अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) राजेश राजोरा ने चुनाव आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा की गई कार्रवाई से आयोग को अवगत कराया। यह कार्रवाई 2018 के लोकसभा चुनावों के दौरान बेहिसाब नकदी के व्यापक उपयोग पर सीबीडीटी की रिपोर्ट संबंध में की गई है। यह जानकारी चुनाव आयोग ने दी।
चुनाव आयोग ने कहा, 'मुख्य सचिव ने बताया कि आर्थिक अपराध शाखा ने मामले में प्रारंभिक जांच दर्ज की है। उन्होंने मामले में आगे की कार्रवाई से आयोग को अवगत कराने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा है।' बता दें कि आयोग ने अतिरिक्त मुख्य सचिव को मंगलवार को सीबीडीटी रिपोर्ट में जिन लोगों के खिलाफ चुनाव में नकदी का उपयोग करने का आरोप लगा है उनके खिलाफ कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) प्रस्तुत करने को कहा था।
24 दिसंबर को चुनाव आयोग ने मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस और राजोरा को एटीआर के साथ तलब किया था। एक हफ्ते बाद, ईओडब्ल्यू ने प्राथमिकी दर्ज करने के लिए पर्याप्त सबूत होने का फैसला करने के लिए प्रारंभिक जांच दर्ज की। 16 दिसंबर को चुनाव आयोग ने मध्यप्रदेश के सीईओ को सीबीडीटी रिपोर्ट में नामित तीन आईपीएस अधिकारियों और व्यक्तियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करने के लिए कहा था।