सूबे के कई रेलवे स्टेशनों पर चूहे गंभीर खतरा बन गए हैं। मुसाफिरों के लिए तो ये सिरदर्द बने ही हुए हैं, रेलवे के संसाधनों का नुकसान भी कर रहे हैं। चूहों के बिल बना लेने से कई जगहों पर प्लेटफार्म धंस गए हैं। हालांकि चूहों से निजात पाने के लिए रेलवे मोटी रकम खर्च भी करता है, मगर हालात बहुत नहीं बदले हैं।
इलाहाबाद, कानपुर, अलीगढ़, गोरखपुर, मिर्जापुर, टूंडला, आगरा, मथुरा स्टेशन की तमाम समस्याओं में एक चूहे भी हैं। प्लेटफार्म और ट्रैक के बीच आसानी से मिल जाने वाली खाद्य सामग्री पर पलते ये चूहे प्लेटफार्म पर वेंडरों के लिए भी मुसीबत हैं।
मुसाफिरों को असली चुनौती ट्रेन में बैठने और सफर शुरू होने के बाद मिलती है। बर्थ के नीचे रखा सामान अक्सर चूहों के निशाने पर होता है। ऐसा नहीं कि रेलवे के अफसरों को हालात का अंदाजा नहीं मगर इस मुश्किल से छुटकारे के रेलवे के सारे इंतजाम नाकाफी साबित हुए हैं।