उत्तर 24 परगना में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के काफिले पर पत्थरों से हमला हुआ, जिसे टीएमसी ने हत्या की साजिश करार दिया है। टीएमसी ने भाजपा पर हमले का आरोप लगाया, जबकि भाजपा ने इसे जनता का आक्रोश बताते हुए घटना में किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है। उत्तर 24 परगना जिले में तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के काफिले पर पत्थरों से हमला हुआ है। टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने इसे सीधे तौर पर जान से मारने की नीयत से किया गया हमला करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस इस पूरी घटना के दौरान मूकदर्शक बनी रही।
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कल्याण बनर्जी ने कहा कि ये पत्थर ममता बनर्जी पर हमला करने के लिए फेंके गए थे। पत्थर उन्हें जान से मारने की नीयत से फेंके गए थे। यह सीधे तौर पर हत्या के प्रयास का मामला है। वहाँ सैकड़ों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद थे और पुलिस पूरी तरह मूकदर्शक बनी रही।
कस्टोडियल डेथ के शिकार कार्यकर्ता के घर जा रही थीं ममता
यह घटना उस समय हुई जब ममता बनर्जी एक मृतक टीएमसी कार्यकर्ता के परिजनों से मिलने जा रही थीं। टीएमसी का दावा है कि इस कार्यकर्ता की पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी। उसका नाम एफआईआर में भी शामिल नहीं था। ममता बनर्जी के साथ सांसद कल्याण बनर्जी और डोला सेन भी गाड़ी में मौजूद थीं। अचानक रास्ते में सैकड़ों लोगों की भीड़ ने उनकी गाड़ी को घेर लिया और नारेबाजी शुरू कर दी।
बड़े-बड़े पत्थरों से हमला, कल्याण बनर्जी ने लगाया आरोप
सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि घटना के पीछे सोची-समझी साजिश है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने गाड़ी पर बड़े-बड़े पत्थर फेंके। कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के इशारे पर यह हमला कराया गया है। उन्होंने कहा कि अगर गाड़ी का शीशा खुला होता, तो ममता बनर्जी का सिर फट सकता था। यह सीधे-सीधे हत्या के प्रयास का मामला है।
भाजपा ने किया पलटवार
हमले के बाद ममता बनर्जी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पुलिस की मौजूदगी में उपद्रवियों ने उनकी कार पर पत्थर बरसाए। अगर खिड़कियां बंद न होतीं, तो गंभीर चोट लग सकती थी या जान भी जा सकती थी। दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने पार्टी पर लगे सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि इस घटना से भाजपा का कोई लेना-देना नहीं है। यह जनता का गुस्सा है। पुलिस को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।