दो सप्ताह से अधिक समय से लापता अरुणाचल प्रदेश के पहले माउंट एवरेस्ट विजेता तापी म्रा और उनके सहयोगी निको दाओ की तलाश में शनिवार (10 सितंबर) सुबह सेना का हेलिकॉप्टर असम के मिसामारी आर्मी कैंप से उड़ा। इसके बाद वह बेस कैंप और कैंप-1 तक पहुंचा, लेकिन दोनों पर्वतारोहियों का कोई सुराग नहीं मिला। घने बादल और दृश्यता की कमी के चलते बचाव दल को जल्द लौटना पड़ा।
इस बारे में जानकारी देते हुए ईस्ट कामेंग के डीसी प्रभिमल अभिषेक पोलुमाटला ने बताया कि आज सुबह मौसम के खुलने पर असम के मिसामारी आर्मी कैंप से सेना के बचाव दल ने उड़ान भरी। बचाव दल के सदस्य बेस कैंप और कैंप-1 तक पहुंचे। इस दौरान बचाव दल को बेस कैंप में एक टेंट और राशन का स्टॉक मिला। उन्होंने बताया कि कैंप-1 में घने बादल होने के कारण दृश्यता बहुत कम थी। इस कारण बचाव दल को जल्दी लौटना पड़ा।
पोलुमाटला ने बताया कि लौटते समय हेलिकॉप्टर बचाव दल ने ट्रैकिंग रूट और उसके आसपास भी खोजबीन की, जिस मार्ग से पर्वतारोही गए थे। इस रास्ते पर भी बचाव दल को कोई सुराग नहीं मिला। उन्होंने कहा कि मौसम ठीक होने पर एक बार फिर हेलिकॉप्टर दल खोजने जाएगा।
उल्लेखनीय है कि तापी (37) अरुणाचल प्रदेश की ऊंची चोटियों में से एक माउंट क्यारीसाटम (6890 मीटर) पर चढ़ाई के आधिकारिक मिशन पर थे। तापी म्रा ने 21 मई 2009 को दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई की थी।