एक आधिकारिक बयान में जानकारी दी गई है कि केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह व केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव की मौजूदगी में एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
प्राथमिक कृषि साख समितियां (पीएसीएस) भी अब साझा सेवा केंद्रों (सीएससी) द्वारा दी जाने वाली सेवाएं दे सकेंगी। दरअसल, गुरुवार सहकारिता मंत्रालय, सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, नाबार्ड और सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के बीच एक सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
विज्ञापन
एक आधिकारिक बयान में जानकारी दी गई है कि केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह व केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव की मौजूदगी में एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। सहकारिता मंत्री ने कहा, एमओयू के मुताबिक, पीएसीएस अब सीएससी के रूप में काम कर सकेंगी। इसके साथ ही पीएसीएस के तेरह करोड़ सदस्यों समेत ग्रामीण आबादी को तीन सौ से ज्यादा सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
शाह ने कहा, इससे पीएसीएस की व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ेंगी और उन्हें आत्मनिर्भर आर्थिक संस्था बनने में मदद मिलेगी। उन्होंने आगे कहा, पीएसीएस नागरिकों की सीएससी योजना के डिजिटल सेवा पोर्टल पर सूचीबद्ध सभी सेवाएं दे सकेंगी। इसमें बैंकिंग, बीमा, आधार नामांकन/अद्यतन (अपडेशन), कानूनी सेवाएं, कृषि उपकरण, पैन कार्ड के साथ ही आईआरसीटीसी, रेल, बस और हवाई यात्रा के टिकट से जुड़ी सेवाएं शामिल हैं।
विज्ञापन
सहकारिता मंत्री ने कहा, पीएसीएस के कंप्यूटरीकरण के लिए केंद्र द्वारा प्रोयाजित योजना के तहत विकसित किए जा रहे राष्ट्रीय सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करके पीएसीएस अब सीएससी के रूप में काम कर सकेंगी।