इस कानून के तहत राज्यों को जुर्माने को कम करने का अधिकार है, लेकिन सिर्फ उसी अपराध में जिसमें किसी राशि तक -अप टू- का जुर्माना है। जैसे किसी अपराध के लिए 1000 रुपये तक का जुर्माना लगाया गया है तो राज्य चाहे तो इसे 500 या 1000 रुपये कर सकती है।
लेकिन जिसमें 1000, 2000 या 5000 रुपये का जुर्माना तय कर दिया गया है, उसमें राज्यों के पास जुर्माना घटाने का अधिकार नहीं है। हां, यदि राज्य चाहे तो इससे बढ़ा कर जुर्माना तय कर सकती है।
अधिकारी का कहना है कि गुजरात ने कुछ ऐसे जुर्माने की राशि कम कर दी है, जिसका राज्य के पास अधिकार ही नहीं है। मंत्रालय को लगता है कि गुजरात की देखा-देखी कुछ और राज्य ऐसा कर सकते हैं।
इसलिए आपस में उलझने से बेहतर है कि इस पर कानूनी सलाह ली जाए। इसलिए इस बारे में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय की तरफ से बुधवार को ही केंद्रीय कानून मंत्रालय के पास पत्र भेज दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि कुछ दिन में वहां से जवाब आ जाएगा।