कांग्रेस में पार्टी अध्यक्ष के पद के लिए चल रहा विवाद आखिरकार राहुल गांधी के इस्तीफे के साथ समाप्त हो गया। सभी दलीलों और अटकलों पर विराम लगाते हुए राहुल ने आज अपना इस्तीफा सौंप दिया। अब सवाल यह है कि राहुल के बाद कौन? सत्ता के गलियारों में चर्चा है कि वरिष्ठ पार्टी नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री को पार्टी का अंतरिम अध्यक्ष बनाया जा सकता है। हालांकि इस दौड़ में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री सुशील शिंदे का नाम भी लिया जा रहा है।
कांग्रेस का संविधान यह कहता है कि पार्टी अध्यक्ष यदि इस्तीफा देता है तो पार्टी के सबसे वरिष्ठ महासचिव को अंतरिम अध्यक्ष नियुक्त किया जाए। इन परिस्थितियों के हिसाब से मोतीलाल वोरा सबसे वरिष्ठ नेता हैं। हालांकि खुद वोरा ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उन्हें इस संबंध में अभी तक कोई सूचना नहीं मिली है। 90 वर्षीय वोरा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहने के साथ उत्तर प्रदेश के राज्यपाल भी रहे हैं। उन्हें यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी का बेहद करीबी माना जाता है।
व्यवसायी से पत्रकार और पत्रकार से नेता बने मोतीलाल वोरा एक समय पर छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में ट्रांसपोर्ट कंपनी चलाते थे। अपने समय के नामी पत्रकार रहे वोरा का जन्म राजस्थान के नागौर जिले में 20 दिसंबर 1928 में हुआ था। बाद में उनका परिवार तत्कालीन मध्यप्रदेश और वर्तमान में छत्तीसगढ़ चला गया था। राजनीति का लंबा अनुभव रखने वाले वोरा कांग्रेस के सभी बड़े फैसलों में शामिल रहे हैं। फिलहाल राज्यसभा सांसद वोरा कांग्रेस के महासचिव (प्रशासन) पद संभाल रहे हैं।