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भारत से ही बेशुमार कमाई और इसी के नक्शे से दगा, खास रिपोर्ट

Fri, 20 May 2016 08:35 AM IST
अमित कुलश्रेष्ठ/अमर उजाला, आगरा
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ताजमहल, एत्माद्दौला, महताब बाग और रिवर फ्रंट गार्डन में एएसआई के काम अपने बताकर दुनियाभर से पैसा जुटाने वाला एनजीओ वर्ल्ड मान्यूमेंट फंड सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत से कमाई तो भारत में कर रहा है लेकिन देश के नक्शे से ही खिलवाड़ कर रहा है।
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वर्ल्ड मान्यूमेंट फंड ने भारत के नक्शे में कश्मीर के हिस्से को पाकिस्तान का भाग बताया है, वहीं अरुणाचल प्रदेश को भी चीन का हिस्सा बताया है। वर्ल्ड मान्यूमेंट फंड की ही तरह विदेशी एनजीओ और कंपनियां देश के नक्शे से खिलवाड़ कर रहे हैं।

वर्ल्ड मान्यूमेंट फंड की तरह ही आगरा में कछपुरा के विकास और वॉक वे के लिए फंड दे रहे वर्ल्ड बैंक की वेबसाइट पर भारत का गलत नक्शा दिखाया गया है, वहीं ट्रैवल गाइड बुक लोनली प्लेनेट तक में कश्मीर के हिस्से को पाकिस्तान का हिस्सा बताया गया है।
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अधिकांश विदेशी कंपनियां और एनजीओ कश्मीर को भारत के नक्शे में नहीं दिखाते

- फोटो : getty
कैमरा कंपनी निकोन, रैडिफ, यूएस एफडीए, प्रोजेक्ट टीच ए चाइल्ड, कंट्री रिपोर्ट्स, एनसाइक्लोपीडिया ब्रिटैनिका और सेंटर फार डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन जैसे चर्चित संस्थानों की वेबसाइटों पर भारत का गलत नक्शा प्रस्तुत किया गया है।

भारत के प्रस्तावित मानचित्र विधेयक से ऐसे संस्थानों पर कार्रवाई का प्रावधान है, लेकिन जब तक यह लागू नहीं हो जाता तब तक भारत से कमाई करने वाली इन कंपनियों और एनजीओ को देश के सम्मान से खिलवाड़ करने से रोकना मुश्किल होगा।

होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश चौहान के मुताबिक पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रालय को वर्ल्ड मान्यूमेंट फंड पर कार्रवाई करनी चाहिए। यह देश के सम्मान का सवाल है। गृह मंत्रालय एनजीओ और विदेशी कंपनियों पर सख्त फैसला ले।
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