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गुटनिरपेक्ष देशों की मंत्रिस्तरीय बैठक: विदेश राज्य मंत्री मुरलीधरन बोले- चुनौतियों से एकजुट होकर लड़ना होगा

Fri, 09 Oct 2020 10:14 PM IST
मुकेश कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन - फोटो : ANI
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विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने शुक्रवार को गुटनिरपेक्ष देशों (NAM) की मंत्रिस्तरीय बैठक में कहा कि संयुक्त राष्ट्र इस साल 75 वर्ष का हो गया और इस साल ऐतिहासिक बांडुंग सम्मेलन (बर्मा, श्रीलंका, भारत, इंडोनेशिया व पाकिस्तान) की 65 वीं वर्षगांठ भी है। यह दोनों इस वर्ष एक साथ मिल रहे हैं। इससे अच्छा और क्या हो सकता है। 

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उन्होंने आगे कहा कि कोरोना ने हमें एक-दूसरे पर हमारी परस्परता और निर्भरता की याद दिलाई है। हम यह अकेले नहीं लड़ सकते। जिस तरह यह बीमारी सीमाओं का सम्मान नहीं करती है। कोरोना के खिलाफ हमारी लड़ाई को प्रभावी होने के लिए समन्वित किया जाना चाहिए। इस खतरनाक महामारी का सामना केवल एक साथ मिलकर ही किया जा सकता है, न कि बंटे हुए होकर।


बैठक में मुरलीधरन ने आगे कहा कि आतंकवाद और उसके समर्थकों ने अपने आतंक को बेरोकटोक फैलाना जारी रखा है। गलत सूचना और फर्जी खबरें सामाजिक सामंजस्य और सामूहिक सुरक्षा पर कहर ढा रही हैं। जलवायु परिवर्तन एक अस्तित्वगत खतरा बन गया है। साइबर सुरक्षा के खतरे और सीमांत प्रौद्योगिकियों के असमान प्रभाव से अशांति पैदा हो रही है। दुनिया की अधिकांश आबादी के लिए विकास की चिंता सर्वोपरि हैं।
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उन्होंने आगे कहा कि सदस्यों को उन मुद्दों को उठाने से पहले सोचना चाहिए जो एजेंडे में नहीं हैं। मुरलीधरन ने यह भी कहा कि गुटनिरपेक्ष आंदोलन का उद्देश्य कभी किसी दूसरे राज्य द्वारा किसी राज्य की क्षेत्रीय अखंडता को कम करना नहीं था और न ही हो सकता है।

बता दें कि गुट-निरपेक्ष आंदोलन की स्थापना 1961 में हुई थी। भारत गुट-निरपेक्ष आंदोलन (NAM) शिखर सम्मेलन का संस्थापक सदस्य है। गुट-निरपेक्ष आंदोलन बांडुंग सिद्धांतों पर आधारित है जो कि 1955 में बेलग्रेड शिखर सम्मेलन, एफ्रो-एशियाई सम्मेलन में अपनाया गया था।

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