इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर
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दिल्ली एम्स के सर्वर पर हुए साइबर हमले ने देश की सुरक्षा एजेंसियों को हिला कर रख दिया। ऐसा पहली बार था जब रैंसमवेयर के हमले के कारण अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिल्ली जैसे बड़े संस्थान के सर्वर लगातार 10वें दिन भी ठप रहे। वहीं इस पर अब इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर का बयान आया है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली एम्स के सर्वर पर साइबर हमला एक साजिश है और कुछ ताकतों ने इसकी योजना थी। रैंसमवेयर हमला काफी योजनाबद्ध तरीके से किया गया। रैंसमवेयर हमले के पीछे कौन है, इस निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले हम सीईआरटीन और एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) के परिणाम का इंतजार करेंगे। रैंसमवेयर हमले में, साइबर अपराधी डेटा या डिवाइस तक पहुंच को लॉक कर देते हैं और वांछित फिरौती का भुगतान करने के बाद इसे अनलॉक करते हैं।
ये एजेंसियां कर रही मामले की जांच
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, दिल्ली साइबर क्राइम स्पेशल सेल, इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर, इंटेलिजेंस ब्यूरो, सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन, नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी, नेशनल क्रिटिकल इंफॉर्मेशन इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोटेक्शन सेंटर और नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी के भीतर इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम आदि साइबर हमले की जांच कर रहे हैं।
हर समय चौकस रहना होगा
चंद्रशेखर ने कहा कि यह रैंसमवेयर हमला पहला नहीं है और यह आखिरी नहीं होगा। यह एक आतंकवाद तरह है। आपको हर समय चौकस रहना होगा और वे केवल एक बार सफल हो सकते हैं, इसलिए हमें सावधान रहना होगा। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारे सिस्टम और प्रक्रियाएं सुरक्षित हैं कि नहीं।
मंगलवार को एम्स के अधिकारियों ने बताया कि सर्वर पर ई-हॉस्पिटल डेटा बहाल कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि सेवाओं को बहाल करने से पहले नेटवर्क को दुरुस्त किया जा रहा है। प्रयोगशाला और आपातकालीन आदि जैसी रोगी देखभाल सेवाएं मैनुअल मोड में काम कर रही हैं।