भागलपुर में हुए दंगों पर सियासी पारा गर्माता हुआ नजर आ रहा है। बीजेपी, आरएसएस और बजरंग दल पर इस रैली के दौरान लोगों को भड़काने का आरोप लगा है। इस रैली की अगुवाई बीजेपी नेता और केंद्रीय राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे के बेटे अरिजित शाश्वत कर रहे थे। उन्हीं पर रैली में लोगों को भड़काने के आरोप लगे हैं। विपक्ष नेताओं ने आरोप लगाया है कि बीजेपी नेता ने साजिशन उन इलाकों को रैली के लिए चुना जहां मुस्लिम बहुतायत हैं। जिसकी वजह से राज्य के हालात बिगड़े।
वहीं इस मामले पर केन्द्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने पलटवार किया है। उन्होंने इसे पुलिस की नाकामी करार देते हुए कहा कि रैली में कुछ शरारती तत्व घुस गए, पुलिस उन लोगों को गिरफ्तार करने के बजाय शोभा यात्रा पर आरोप लगा रही है। पुलिस पर बरसते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासन वहां अंधा बना बैठा था। बेटे के सवाल पर उन्होंने कहा कि मुझे गर्व है मेरा बेटा, बीजेपी-आरएसएस स्वयंसेवक है। उन्होंने कहा कि यह गौरव की बात है कि पुलिस की निगरानी में सभी नियमों का पालन करते हुए इस रैली का आयोजन करवाया गया।
बिहार विधानसभा में भी आज केन्द्रीय मंत्री के बेटे की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जोरदार हंगामा हुआ और सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
वहीं बीजेपी नेता अश्विनी चौबे के बेटे अरिजीत शाश्वत ने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि मैं घटना स्थल से तीन-चार किलोमीटर दूर था। तभी पत्थरबाजी शुरू हो गई। पुलिस की जीप मेरे आगे चल रही थी। मेरी बात की पुष्टि के लिए वीडियो क्लिप्स की जांच भी की जा सकती है।
पुलिस के मुताबिक दो समुदायों के बीच हुई इस झड़प में तीन पुलिसवाले जख्मी हो गए हैं। पुलिस अधिकारी से मीडिया से बात करते हुए कहा कि हमारे सर्वोत्तम प्रयासों के बावजूद, पत्थरबाजी 45 मिनटों तक चलती रही।