प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर शुरू हुए रक्तदान अभियान ने पहले दिन ही एक रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मडाविया ने कहा पीएम मोदी के जन्मदिन के अवसर पर 87 हजार से ज्यादा लोगों ने रक्तदान करके नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया ने एक ट्वीट में कहा कि नया विश्व कीर्तिमान! आज मुझे बताते हुए हर्ष है की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर रक्तदान अमृत महोत्सव के तहत 87 हजार से अधिक लोगो ने अब तक स्वेच्छा से रक्तदान किया है, जो की एक नया विश्व कीर्तिमान है।
मंडाविया ने सफदरजंग अस्पताल के एक शिविर में रक्तदान किया, उन्होंने नागरिकों से आरोग्य सेतु ऐप, ई-रक्तकोश पोर्टल पर पर जाकर पंजीकरण करने का आग्रह किया ताकि लोग 'रक्तदान अमृत महोत्सव' के अवसर पर रक्तदान कर सकें। यह अभियान एक अक्तूबर तक चलेगी। अधिकारियों ने बताया कि पहले दिन रक्तदान करने वालों की गिनती अभी जारी है।
एक अधिकारी ने कहा कि अब तक देश भर में 6,136 शिविरों को मंजूरी दी गई है और लगभग 1,95,925 रक्तदाताओं ने पंजीकरण कराया है, जिसमें 87,137 से अधिक लोगों ने रक्तदान किया है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया ने कहा कि रक्तदान एक नेक काम है और हमारी समृद्ध संस्कृति और सेवा और सहयोग की परंपरा को देखते हुए, मैं सभी नागरिकों से आग्रह और अपील करता हूं कि वे देशव्यापी मेगा स्वैच्छिक रक्तदान अभियान - रक्तदान अमृत महोत्सव के हिस्से के रूप में आगे आएं और रक्तदान करें। रक्तदान सिर्फ आवश्यकता को पूरा करता है बल्कि समाज और मानवता के लिए भी एक महान सेवा है।
यहां जाकर पंजीकरण करें
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया ने बताया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर देशभर में रक्तदान अमृत महोत्सव की शुरुआत होने जा रही है। आइए रक्तदान करें और मानवता के सेवा कार्य से जुड़े। पंजीकरण के लिए आप आरोग्य सेतु ऐप या https://eraktkosh.in का उपयोग कर सकते हैं।
'प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान' के तहत गोद लिए 9.5 लाख टीबी मरीज
एसडीजी (सतत विकास लक्ष्य) 2030 के लक्ष्य से पांच साल पहले बीमारी को खत्म करने के उद्देश्य से 9 सितंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा शुरू किए गए 'प्रधान मंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान' के तहत 9.5 लाख से अधिक तपेदिक रोगियों को गोद लिया गया है।
इस सामुदायिक सहायता कार्यक्रम के तहत तपेदिक के रोगियों को नि-क्षय 2.0 पोर्टल के माध्यम से एक व्यक्ति, निर्वाचित प्रतिनिधियों या संस्थानों द्वारा गोद लिया जा सकता है और उनकी देखभाल की जा सकती है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, देश में वर्तमान में इलाज के लिए बहु-दवा प्रतिरोधी सहित कुल 13,53,443 टीबी रोगियों में से 9.57 लाख रोगियों ने गोद लेने के लिए अपनी सहमति दी है - और उनमें से लगभग सभी (9,56,352) ) शनिवार तक अपनाया गया है।