जिले के 80 से अधिक मदरसे बंद हो जाएंगे। इनमें से 66 ने तो पोर्टल पर पंजीकरण ही नहीं कराया। वहीं एक दर्जन से अधिक मदरसों को बंद करने की संस्तुति की गई है। बंद होने वालों में से चार आलिया मदरसे हैं। यानी, इनमें बोर्ड कक्षाएं चलती हैं। अल्प संख्यक विभाग की जांच में इन मदरसों में मानक पूरे नहीं पाए गए।
सरकार ने मदरसों के लिए अलग पोर्टल बनाया है। इस पर सभी मदरसों का पंजीकरण होना अनिवार्य है। शिक्षक, छात्र-छात्रा समेत मदरसे से संबंधित सभी तरह की जानकारी पोर्टल पर अपलोड भी होनी चाहिए लेकिन कई मदरसों का प्रबंधन इसके लिए आगे नहीं आया। जिले में साढ़े तीन सौ से अधिक मदरसे हैं, लेकिन इनमें से 287 ने ही रजिस्ट्रेशन कराया है। इनमें भी मात्र 266 मदरसों का विवरण पोर्टल पर लॉक किया गया है।
जिला अल्पसंख्यक अधिकारी एसपी तिवारी ने बताया कि रजिस्ट्रेशन कराने वाले मदरसों की जांच कराई गई। इनमें से 14 में मानक पूरे नहीं पाए गए। इन्हें बंद करने की संस्तुति की गई है। इसके अलावा जिन मदरसों का पंजीकरण नहीं हुआ है, उन्हें भी नोटिसा भेजा गया है। जवाब नहीं मिलने पर उन्हें भी बंद करने की कार्रवाई की जाएगी।