बीसीजी टीकाकरण से कुछ देशों में कोविड-19 बीमारी की गंभीरता में कमी का दावा करते शोध के बाद भारत के डॉक्टरों ने विस्तृत अध्ययन की जरूरत बताई है। अमेरिका के न्यूयॉर्क तकनीकी संस्था के अध्ययनकर्ताओं ने दावा किया था कि बेसिलियस काल्मेट ग्युरिन (बीसीजी) टीकाकरण नए कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में कारगर हथियार साबित हो सकता है। भारत में यह टीका बच्चे के जन्म के बाद टीकाकरण कार्यक्रम के तहत दिया जाता है।
फेफड़ों की सर्जरी के विशेषज्ञ अरविंद कुमार के अनुसार बीसीजी टीकाकरण और कोरोना वायरस में कुछ संबंध तो है, लेकिन दोनों में सीधा संबंध है, अभी ऐसा कहना जल्दबाजी होगी।
वरिष्ठ श्वास रोग विशेषज्ञ रवि शंकर झा के अनुसार भी इसके लिए बड़े स्तर पर रोग का अध्ययन होना चाहिए। डॉ. अरविंद ने संभावना जताई कि पहले से होने वाले संक्रमणों की वजह से हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता वायरस के खिलाफ बेहतर साबित हो सकती है।
पश्चिमी देशों में ऐसा नहीं है। वहीं भारत सरकार द्वारा वायरस फैलने के दूसरे चरण में ही किए गए लॉकडाउन का भी हमें फायदा मिलेगा।