भारतीय रोजगार क्षेत्र के लिए साल 2017 बेहद उथल-पुथल भरा रहा, लेकिन नए साल में नियुक्तियों का बाजार गरम रह सकता है और
सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र में अतिरिक्त दो लाख नौकरियों के सृजन की उम्मीद है।
कंपनियों द्वारा
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को तेजी से अपनाने की वजह से भारतीय रोजगार बाजार निरंतर बदलाव की ओर अग्रसर है और विशेषज्ञों के मुताबिक, ऐसे परिवर्तनकारी दौर में वही कर्मचारी टिक सकते हैं, जो अपने हुनर को बढ़ाएंगे। कंपनियों द्वारा ऑटोमेशन प्रौद्योगिकी अपनाने में बढ़ोतरी से मोबाइल विनिर्माण जैसे क्षेत्र में नौकरियां कम हो सकती हैं, लेकिन फिनटेक तथा स्टार्टअप में नौकरियों की बहार रहेगी।
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टीमलीज सर्विसेज में आईटी स्टाफिंग की महाप्रबंधक अलका ढींगरा ने बताया कि वित्तीय सेवाओं तथा डिजिटल व्यापार में सुधार खासकर डिजिटाइजेशन एवं ऑटोमेशन में निवेश एवं निवेश के अनुकूल माहौल बनने के परिणाम स्वरूप व्यापार में बढ़ोतरी की उम्मीद की जा रही है। ढींगरा के मुताबिक, नए नियोक्ताओं के आने से भी नियुक्तियां बढ़ेंगी, क्योंकि लगभग 20 फीसदी नए नियोक्ताओं द्वारा 2018 में नियुक्तियां करने की उम्मीद है। भारतीय आईटी उद्योग द्वारा साल 2018 में लगभग 1.8-2 लाख लोगों को नौकरी देने की उम्मीद है।
इसके अलावा, भारत डिजिटल इंडिया की तरफ रुख कर रहा है, इसलिए उद्योग को कौशल युक्त 50 फीसदी और कर्मचारियों की जरूरत है। ढींगरा ने कहा कि सरकारी पहल जैसे डिजिटल इंडिया सहित डिजिटल प्रौद्योगिकी क्षेत्र में अवसर बढ़ने से डिजिटल प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स में नौकरियां बढ़ेंगी। वस्तुत: केवल एआई में ही साल 2020 तक वैश्विक तौर पर 23 लाख नौकरियों का सृजन होगा। एजेंसी