गुजरात के मोरबी शहर में रविवार केबल ब्रिज टूटने से सैकड़ों लोग मच्छू नदी में गिर गए। इस हादसे में कई लोगों की मौत की खबर है। हालांकि मौत का आंकड़ा अभी स्पष्ट नहीं है। गुजरात के गृहमंत्री के मुताबिक, आधिकारिक मौत का आकंड़ा सात है, वहीं राज्य के पंचायत मंत्री ने मृतकों का आंकड़ा साठ पार बताया है। इस बीच, हादसे के बाद पुल को लेकर राजनीति भी शुरू हो गई। वामदल ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है।
भाकपा नेता बिनॉय बिश्वम ने कहा कि यह राज्य सरकार की घोर लापरवाही की ओर इशारा करता है। मच्छू नदी पर बना करीब एक सदी पुराना पुलिस शाम करीब साढ़े छह बजे ढह गया। चार दिनों की मरम्मत के बाद इस पुल को खोल दिया गया था।
उन्होंने आगे कहा, गुजरात में केबल ब्रिज का टूटना भाजपा सरकार की घोर लापरवाही की ओर इशारा करता है। इसकी मरम्मत पांच दिन पहले करने की बात कही गई थी। ठेकेदारों को यह हिम्मत कहां से मिली? उन्होने आगे कहा कि मुआवजा बढ़ाया जाना चाहिए। राजनीतिक संलिप्तता का खुलासा करने के लिए एक विश्वसनीय जांच होनी चाहिए।
पुल टूटने के बाद कई विपक्षी दलों के नेता सरकार पर निशाना साध रहे हैं। कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने हादसे पर दुख जताया और ट्वीट में सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार का दम्भ भरने वालों की देख रेख में बना 1 साल पुराना पुल धराशायी हो गया।
वहीं, आम आदमी पार्टी के विधायक नरेश बाल्यान ने कई ट्वीट किए और सरकार पर निशाना साधा। बाल्यान ने हादसे का वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, इस वीडियो को देखिए। गुजरात के मोरबी में कैसे पुल टूटने पर लोग जान बचाने को तरस रहे हैं। पांच दिन पहले ही दोबारा से इस पुल का उद्घाटन हुआ था। कई करोड़ खर्च हुए हैं। यही गुजरात में भाजपा का विकास है। खूब लूटा है।
बाल्यान ने दूसरे ट्वीट में लिखा, 40 से 45 तो सिर्फ बच्चे की मरने की खबर आ रही है, सोचिए की कुल कितने लोग मरे होंगे। अब गिनती छुपाई जायेगी। कौन है इन मासूम बच्चों के मौत का जिम्मेदार? गुजरात की भ्रष्ट पापी सरकार जवाब दे!