तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने शुक्रवार को एक बड़ी घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि परिवारों की महिला मुखियाओं के लिए मासिक नकदी सहायता योजना ‘मगलिर उरीमई थोगई थिट्टम’ का नामकरण पूर्व मुख्यमंत्री ‘कलैग्नार’ एम करुणानिधि के नाम पर रखा जाएगा।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने शुक्रवार को एक बड़ी घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि परिवारों की महिला मुखियाओं के लिए मासिक नकदी सहायता योजना ‘मगलिर उरीमई थोगई थिट्टम’ का नामकरण पूर्व मुख्यमंत्री ‘कलैग्नार’ एम करुणानिधि के नाम पर रखा जाएगा।
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इस योजना के तहत पात्र परिवारों की महिला मुखियाओं को प्रति माह 1,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी जिसका वादा डीएमके ने अपने चुनावी घोषणापत्र में किया था। सीएम स्टालिन ने जिलाधिकारियों को लाभार्थियों की पहचान करने और 15 सितंबर को योजना का सुचारू कार्यान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री स्टालिन ने योजना के कार्यान्वय के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों और जिलाधिकारियों के साथ हुई पहली बैठक में कहा कि यह तमिलनाडु में लागू होने वाली एक बड़ी योजना है। एक करोड़ लाभार्थियों के लक्ष्य वाली इस योजना के लिए 1.5 करोड़ आवेदन प्राप्त होने की उम्मीद है। इसलिए, जिलाधिकारियों को लाभार्थियों की पहचान करने में पर्याप्त ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि लाभार्थियों की पहचान के लिए बनाए गए विशेष शिविरों में अत्याधिक भीड़ की स्थिति से बचने के लिए जिलाधिकारियों को पर्याप्त व्यवस्था करनी चाहिए। स्टालिन ने अधिकारियों से कहा कि वह केवल राशन कार्ड या आधार कार्ड नहीं होने की सूरत में किसी को योजना से बाहर नहीं करें।
समीक्षा बैठक को ऑनलाइन माध्यम से संबोधित करते हुए स्टालिन ने कहा, ‘‘यह हमारे कलैग्नार का जन्म शताब्दी वर्ष है, इसलिए वित्तीय सहायता योजना का नाम ‘कलैग्नार मगलिर उरीमई थोगई थिट्टम’ रखना उचित होगा।