नोटबंदी से पैदा हुई कैश की किल्लत से निजात दिलाने के केंद्र सरकार के तमाम दावे फिलहाल हवाई ही साबित हुए हैं। असल परेशानी तो आज महीने की पहली तारीख से खड़ी होगी। निजी और सरकारी कर्मचारियों का वेतन उनके बैंक खातों में पहुंचने लगेगा। राशि तो खातों में पहुंच जाएगी लेकिन लोगों के हाथ खाली ही रहेंगे क्योंकि रिजर्व बैंक से नए नोटों की सप्लाई बहुत कम है। ऐसे में बैंक भी कुछ नहीं कर पाएंगे।
उत्तर प्रदेश में एक दिसंबर को राज्यकर्मियों को मिलने वाले वेतन भुगतान के लिए फिलहाल अलग से कोई व्यवस्था नहीं की गई है। मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने निदेशक कोषागार सहित बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे प्रबंध करें कि एक दिसंबर को कर्मचारियों को अपने खाते से भारतीय रिजर्व बैंक की गाइडलाइंस के अनुसार आवश्यक धनराशि निकालने में कोई दिक्कत न हो। संबंधित बैंकों को नई करेंसी की पर्याप्त व्यवस्था रखने को कहा गया है। केंद्र व कुछ अन्य राज्यों की तरह नकद वेतन देने की फिलहाल कोई व्यवस्था किए जाने के संकेत नहीं हैं।
उत्तराखंड के ज्यादातर बैंक छोटे और नए नोटों की किल्लत से जूझ रहे हैं। ऐसे में एक तारीख को जिनके खाते में वेतन आता है, उन्हें मायूस ही होना पड़ेगा। क्योंकि 50 और 100 के छोटे नोटों के साथ ही 500 और 2000 के नए नोट भी बैंक शाखाओं पर कम ही उपलब्ध हैं। बैंक सूत्रों के अनुसार तीन दिन पहले पीएनबी में पांच करोड़ की करेंसी आई थी। उसके बाद से करेंसी नहीं पहुंची। हालांकि बैंक अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही करेंसी आ जाएगी।
हरियाणा के ढाई लाख कर्मियों को कैश की चिंता सता रही है। कैशलेस लेनदेन और नए खाते खोलने के लिए राज्य सरकार कैंपेन की शुरुआत करेगी। बैंक के अधिकारी श्रमिकों के पास जाकर उनका खाता खुलवाएंगे और कैशलेस लेनदेन केबारे में जानकारी देंगे। रुपे कार्ड और जनधन खाते के संचालन में कोई दिक्कत न आए इसके लिए भी बैंकरों को निर्देश दिए गए हैं।