महीने की पहली तारीख शुरू होते ही वेतनभोगियों को कैश उपलब्ध कराने के लिहाज से सरकार के लिए अगले 10 दिन चुनौतीपूर्ण होंगे। नोटबंदी के 22वें दिन भी बैंकों और एटीएम में कतारें कम नहीं हुई हैं। इस संकट को भांपते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर उर्जित पटेल से बात कर अगले 10 दिनों तक बैंकों और एटीएम में कैश उपलब्ध कराने की तैयारी का जायजा लिया।
विज्ञापन
सूत्रों के मुताबिक, पटेल ने उन्हें आश्वस्त किया है कि अगले एक हफ्ते तक बाजार में कैश की कमी न रहे, इसके लिए नकद प्रवाह और खुल्ले की भी पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है।
वित्त मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि अगले 10 दिनों तक बाजार में भरपूर कैश उपलब्ध कराने के लिए रिजर्व बैंक ने पुख्ता तैयारी की है। रणनीति के तहत पिछले तीन दिनों से आरबीआई ने एटीएम और बैंकों में कैश कम उपलब्ध कराया ताकि वेतनभोगियों को विभिन्न माध्यमों से भुगतान के लिए पर्याप्त रकम दी जा सके।
विज्ञापन
इसके अलावा रिजर्व बैंक नए नोटों के साथ अपने रिजर्व कैश को भी बाजार में छोडे़गा, ताकि लोगों को परेशानी से निजात मिल सके। सरकार के सामने मुश्किल यह है कि नोट छपने के बाद भी उसे बाहर आने में 21 दिन लगते हैं। छपाई फैक्टरियां सुरक्षा मानकों की दृष्टि से बाहर नोट भेजने में कम से कम इतना समय लगा देती हैं।
एटीएम में 500 के नोटों की सप्लाई तेज
- फोटो : self
आरबीआई और वित्त मंत्रालय के सूत्रों की मानें तो आरबीआई के पास पर्याप्त नकदी है। ज्यादातर एटीएम पर देर शाम से 500 रुपये के नोटों की सप्लाई युद्धस्तर पर तेज कर दी गई है। जिन शाखाओं में वेतन और पेंशन खाते हैं, वहां कैश सप्लाई 20 से 30 प्रतिशत बढ़ा दी गई है।
उधर, लखनऊ में मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने रिजर्व बैंक व कोषागार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर सभी बैंक शाखाओं में कर्मचारियों के लिए अलग से काउंटर खोलने तथा रिजर्व बैंक को पर्याप्त कैश उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उत्तराखंड के ज्यादातर बैंक अभी तक छोटे और नए नोटों की किल्लत से जूझ रहे हैं। बैंक सूत्रों के अनुसार तीन दिन पहले ही पीएनबी में पांच करोड़ की करेंसी आई थी।
नोटबंदी के पास यह पहला अवसर है जब लोग अपनी तनख्वाह के पैसे को भारी मात्रा में बैंक से निकालेंगे। लोग अपने जरूरी खर्चों और अन्य सुविधाओं के लिए इस दौरान बैंकों से भारी मात्रा में कैश निकालते हैं। नोटबंदी की वजह से पहले से ही बैंक और एटीएम में कैश की कमी है। ऐसे में सरकार की मुश्किल बढ़ सकती है।
वित्त मंत्रालय ने लिया हालात का जायजा
फाइल फोटोः वित्त मंत्री अरुण जेटली
- फोटो : Getty
सरकार यदि अगले 10 दिन बाजार में वे कैश उपलब्ध कराने में सफल रही, तो वह जनता के बीच तो सुपरहिट हो ही जाएगी, विपक्ष को भी इससे करारा जवाब मिल जाएगा। लेकिन कैश उपलब्ध कराने में चूक हुई तो लोगों की नाराजगी बढ़ सकती है।
पंजाब, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में भी मांग के मुकाबले कैश की सप्लाई बहुत कम चल रही है। सभी राष्ट्रीयकृत और निजी बैंकों में कैश की किल्लत है। बुधवार को भी ग्राहकों की कतारों में रत्तीभर कमी नहीं आई। बैंक अधिकारी इस चिंता में हैं कि बृहस्पतिवार को लोगों का वेतन आएगा, तो क्या होगा। कैश की सप्लाई बढ़ने के संबंध में कोई जानकारी नहीं है।
हरियाणा के ढाई लाख कर्मियों को कैश की चिंता सता रही है। सर्व कर्मचारी संघ की मांग पर कर्मचारियों को दस हजार रुपये एडवांस दिए जाने का निर्णय लिया गया था। लेकिन इस पर अभी तक असमंजस बरकरार है क्योंकि रिजर्व बैंक से राज्य में कैश नहीं पहुंचाया गया है।
सरकार अभी एटीएम से निकासी की सीमा 2500 रुपये को बढ़ाने के पक्ष में नहीं है। हालांकि लोगों को राहत देने के लिए सरकार ने बड़ी संख्या में 500 रुपये के नए नोटों को बाजार में झोंकने की तैयारी की है। वित्त मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी के अनुसार अब एटीएम व बैंकों से 2000 के अलावा 500 के नए नोट भी भरपूर मिलेंगे।
बाजार में 50 के नए नोट भी
बाजार में छोटे नोटों की किल्लत दूर करने के लिए सरकार 50 रुपये के नए नोटों की संख्या में इजाफा करने जा रही है। वित्त मंत्रालय के शीर्ष अधिकरी के अनुसार 50 के नए नोट छपने शुरू हो गए हैं। जल्द ही बाजार में ये उपलब्ध हो सकेंगे। इसके साथ ही कुछ खास जगहों पर 500 रुपये के पुराने नोटों का चलन भी बंद किया जाएगा। सरकार का मानना है कि कुछ लोग इस छूट का लाभ उठाकर अपना काला धन सफेद कर रहे हैं, सबसे ज्यादा शिकायत पेट्रोल पंपों से आ रही है। अभी यह छूट 15 दिसंबर तक है जिसे कम किया जा सकता है।
जन धन योजना में तय हुई निकासी की सीमा
प्रधानमंत्री जन धन योजना में काले धन को सफेद करने की खबरें उजागर होने के बाद रिजर्व बैंक ने जन धन खातों से पैसे निकालने की सीमा तय कर दी है। अब इस योजना के तहत केवाईसी प्रक्रिया पूरी करने वाले जन धन खातों से एक महीने में 10 हजार रुपये तक निकाले जा सकेंगे। बिना केवाईसी वाले जनधन खाते से सिर्फ पांच हजार रुपये प्रति महीने ही निकाले जा सकेंगे।
एनएच पर 2 दिसंबर से टोल कलेक्शन
नोटबंदी के बाद लगातार टोल-फ्री चल रहे राष्ट्रीय राजमार्गों पर 2 दिसंबर की मध्य रात्रि से टोल कलेक्शन शुरू हो जाएगा। सड़क मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि यातायात सुचारू बनाने और करेंसी की किल्लत दूर करने के लिए सरकार ने इन्हें टोल-फ्री किया था जिसकी अवधि 2 दिसंबर के बाद खत्म हो रही है।