19 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में महंगाई पर जुबानी जंग होने के आसार हैं। कांग्रेस इसे बड़ा मुद्दा बनाकर सरकार को घेरने जा रही है। मंगलवार को कांग्रेस ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार महंगाई को रोकने में विफल रही है। जनता की बेबसी का फायदा उठाने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें कम करने और आवश्यक वस्तुओं पर जीएसटी की दरें घटाकर लोगों को राहत प्रदान करने की मांग की।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता व पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि कांग्रेस संसद के मानसून सत्र में महंगाई के मुद्दे को उठाएगी और इस पूर्ण चर्चा की मांग करेगी। मंगलवार को उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि महंगाई को लेकर राजग सरकार लगातार यह बताने की कोशिश कर रही है कि महंगाई से जुड़ी चिंता फर्जी है और अगर सरकार इस मुद्दे को नजरअंदाज करती है तो यह मुद्दा खत्म हो जाएगा। कांग्रेस पार्टी महंगाई के मुद्दे पर केंद्र सरकार की घोर लापरवाही की निंदा करती है।
चार फीसदी महंगाई का लक्ष्य था, यह 6.26 पर पहुंची
चिदंबरम के मुताबिक सरकार और रिजर्व बैंक ने चार प्रतिशत के आसपास महंगाई दर का लक्ष्य रखा था। जबकि उपभोक्ता मुद्रास्फीति छह प्रतिशत की अधिकतम सीमा को पार कर गई है और एनएसओ की ओर से सोमवार को जारी विज्ञप्ति के मुताबिक यह 6.26 प्रतिशत तक पहुंच गई है। शहरी उपभोक्ता मुद्रास्फीति मई में 5.91 प्रतिशत थी जो जून में बढ़कर 6.37 प्रतिशत तक पहुंच गई। कोर महंगाई दर एक महीने में 5.5 प्रतिशत से बढ़कर 5.8 प्रतिशत हो गई।
उन्होंने कहा कि खाद्य मुद्रास्फीति 5.58 प्रतिशत पहुंच गई है। दलहन मुद्रास्फीति बढ़कर 10.01 प्रतिशत हो गई है। फलों की महंगाई दर 11.82 प्रतिशत तक पहुंच गई है। परिवहन सेवा की महंगाई दर 11.56 प्रतिशत हो गई है। ईंधन महंगाई दर 12.68 प्रतिशत हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी कर रही है।
महंगाई के आगे जनता बेबस, सरकार उठाए ये कदम
पूर्व वित्त मंत्री ने आरोप लगाया कि महंगाई के आगे लोग बेबस हैं,सरकार लोगों की बेबसी का दोहन कर रही है। कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि केंद्र सरकार को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी कीमतों में अच्छी खासी कमी करनी चाहिए। हम मांग करते हैं कि आयात शुल्क की समीक्षा की जाए और इसे फिर से तय किया जाए ताकि आयात की जाने वाली जरूरी वस्तुएं सस्ती हो सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि हम यह भी मांग करते हैं कि जीएसटी की दरें उन वस्तुओं पर कम की जाएं जो लोगों की ओर से रोजमर्रा में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल की जाती है। हमारा मानना है कि इन कदमों से महंगाई के बोझ तले दबे लोगों को राहत मिलेगी।
चिदंबरम ने कहा कि कांग्रेस संसद के आगामी सत्र में भी महंगाई के मुद्दे को उठाएगी और इस विषय पर पूर्ण चर्चा और लोगों को राहत देने की मांग करेगी। सरकार कितनी भी कोशिश कर ले, महंगाई का मुद्दा दबने वाला नहीं है।
सरकार का कोरोना टीकाकरण कार्यक्रम महज एक झूठा दिखावा
कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने मंगलवार को सरकार के कोरोना टीकाकरण कार्यक्रम पर भी निशाना साधा। उन्होंने केंद्र सरकार के दिसंबर के अंत तक सभी युवाओं का टीकाकरण कराने वाले वादे को डींग हांकना करार दिया है। उन्होंने कहा कि ओडिशा और दिल्ली राज्य टीकों की कमी का सामना कर रहे हैं।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री राज्यों को टीकों की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अपनी योजनाओं के बारे में बताएं। चिदंबरम ने कहा कि टीकाकरण की कमी एक सच्चाई है। टीकाकरण उत्पादन बढ़ा-चढ़ाकर किया गया है। दिसंबर 2021 तक पूरी युवा आबादी का टीकाकरण करना सरकार का एक खाली दावा है।