वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन के साथ जारी तनातनी के बेहद संवेदनशील मामले में सरकार संसद में ज्यादा नोकझोक नहीं चाहती। ऐसे मे खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विपक्ष के चुनिंदा नेताओं को पूरे मामले की जानकारी देंगे।
हालांकि, यह तय नहीं हो पाया है कि इसके लिए प्रधानमंत्री की ओर से सर्वदलीय बैठक बुलाई जाएगी या संसद सत्र से पहले संसदीय कार्य मंत्री की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में पीएम विपक्षी नेताओं को ताजा स्थिति की जानकारी देंगे। संवाद इसा हफ्ते होगा।
14 सितंबर से पहले संसद का मानसून सत्र शुरू हो रहा है। इससे पहले ही खासतौर पर कांग्रेस समेत विपक्ष चीन से जारी तनातनी के बीच सरकार पर हमलावर है। पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के अलावा शिवसेना नेता प्रतिदिन सरकार पर चीन के आगे घुटने टेकने का आरोप लगा चुके हैं।
बीते महीने इस मुद्दे पर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में पीएम के द्वारा देश की एक इंच जमीन भी चीन के कब्जे में न होने के दावे पर राहुल लगातार सवाल उठा रहे हैं। कांग्रेस की योजना इस मुद्दे पर सत्र के दौरान मुखर विरोध जताने की है।
विवाद के एक-एक पहलुओं के बारे में बताएंगेः सूत्रों का कहना है कि योजना पीएम की ओर से विपक्षी नेताओं की बैठक बुलाने की है। अगर ऐसा नहीं हुआ तो सत्र से पहले होने वाली सर्वदलीय बैठक में पीएम विपक्ष के नेताओं को इस पूरे विवाद के एक-एक पहलुओं की जानकारी देंगे। इस दौरान विपक्षी नेताओं को ताजा स्थिति से भी अवगत कराया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि सरकार विपक्ष की तर्ज पर आक्रामक भूमिका निभा सकती है।
सरकार के पास ऐसा करने के लिए पर्याप्त तथ्य भी हैं, मगर अभी वह ऐसा रुख अपनाने से बचना चाहती है।