सूचना भेजने वाले 348 चीनी एप पर प्रतिबंध
सरकार ने 348 चीनी मोबाइल एप्लीकेशन को प्रतिबंधित किया है। इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने लोकसभा में बताया कि ये एप चीन सहित विभिन्न देशों में विकसित किए गए थे। ये उपयोगकर्ताओं की जानकारी को एकत्र कर देश के बाहर स्थित सर्वरों को अनधिकृत तरीके से भेज रहे थे। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस तरह का डाटा प्रसारण भारत की संप्रभुता, अखंडता व राज्य की सुरक्षा का उल्लंघन करते हैं।
हरभजन ने अफगान सिखों की दुर्दशा का मुद्दा उठाया
पूर्व क्रिकेटर व आप के राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह ने अफगानिस्तान में सिखों और गुरुद्वारों पर हमले का मामला उठाया। कहा, वहां 1,500 सिख थे, लेकिन संख्या घटकर 150 से भी कम है। अध्यक्ष वेंकैया नायडू ने कहा कि उन्होंने महत्वपूर्ण विषय उठाया है और उम्मीद जताई कि विदेश मंत्री जयशंकर इस पर ध्यान देंगे।
असम में बाढ़-भूस्खलन से 197 की मौत, केंद्र ने दी 648 करोड़ की मदद
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में बताया, असम में इस साल बाढ़ से भारी तबाही हुई है। राज्य में आसमान से बरसी प्राकृतिक आपदा से 197 लोगों की मौत हुई है। साथ ही व्यापक पैमाने पर ढांचागत नुकसान हुआ है। केंद्र सरकार ने बाढ़ राहत के रूप में राज्य को 648.80 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद दी है।
यूएपीए : सभी मामलों में दोष सिद्ध, मंत्री नित्यानंद ने कहा, गिरफ्तारी के आंकड़े धर्म के अनुसार नहीं
सरकार ने राज्यसभा में बताया कि गैरकानूनी गतिविधियों रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत केंद्र की ओर से लिए गए जांच मामलों में दोष सिद्ध होने की दर 100% तक है। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) राज्यों से मिलने वाले आंकड़ों को एकत्र करता है। इनमें दोष सिद्ध की औसत दर 94.17 फीसदी है।
उत्तर प्रदेश में दोष सिद्धि की दर कम होने पर कुछ सांसदों द्वारा चिंता जताए जाने पर राय ने कहा, सभी मामलों में अदालत के फैसले नहीं आए हैं। इसमें से कुछ जांच विभिन्न चरण में हैं और कुछ मामलों में सुनवाई चल रही है। उन्होंने कहा कि यूएपीए के तहत गिरफ्तार लोगों के आंकड़े धर्म के अनुसार नहीं रखे जाते हैं।
गतिशक्ति विश्वविद्यालय गठन का विधेयक पारित, वडोदरा एनआरटीआई बनेगा केंद्रीय दर्जे के साथ पहला विवि
गतिशक्ति विश्वविद्यालय का निर्माण करने संबंधी प्रावधान वाले केंद्रीय विश्वविद्यालय संशोधन बिल पर बुधवार को लोकसभा की मुहर लग गई। राज्यसभा में इस बिल पर मुहर लगते ही वडोदरा स्थित एनआरटीआई न सिर्फ पहला गतिशक्ति विश्वविद्यालय बनेगा बल्कि उसे स्वायत्त केंद्रीय विश्वविद्यालय का भी दर्जा प्राप्त हो जाएगा। इसका प्रशासनिक नियंत्रण रेल मंत्रालय के पास होगा।
बिल पर चर्चा का जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, प्रधानमंत्री की योजना सभी तरह के इंफ्रास्ट्रक्चर को एक छतरी के नीचे लाना है। शिक्षा मंत्री ने बताया कि पहले एनआरटीआई में पहले रेलवे से जुड़े पाठ्यक्रम ही शामिल थे। अब इसके गतिशक्ति विश्वविद्यालय बनने के बाद इनमें तकनीकी से जुड़े सभी पहलुओं की पढ़ाई होगी।
एक साल बाद योजना साकार
गतिशक्ति विवि की स्थापना के लिए मोदी कैबिनेट ने बीते साल 13 जुलाई को मंजूरी दी थी। इसके तहत तकनीकी से जुड़े 16 मंत्रालयों को एक साथ एक डिजिटल प्लेटफार्म पर लाने की घोषणा की गई थी। इसके तहत भारतमाला, सागरमाला, अंतर्देशीय जलमार्ग, ड्राई एंड लैंड पोर्ट्स और उड़ान जैसी बुनियादी ढांचा कनेक्टिविटी परियोजनाओं को लागू किया जाना है।
विपक्ष का एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाकर हंगामा
बुधवार को फिर दोनों सदनों में विपक्ष ने हंगामा किया। विपक्षी सदस्य सरकार पर जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए नियम 267 के तहत चर्चा की मांग कर रहे थे। अनुमति न मिलने पर विपक्षी सदस्यों ने हंगामा किया, जिसके चलते कार्यवाही शाम चार बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
इससे पूर्व लोकसभा की कार्यवाही के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पार्टी नेता अधीर रंजन चौधरी से यह कहती नजर आईं कि उन्हें कुछ निश्चित विषयों पर केंद्रित रह बोलना चाहिए। जैसे ही सदन में केंद्रीय विवि (संशोधन) विधेयक पर चर्चा शुरू हुई विपक्षी दल नारेबाजी करने लगे।
तृणमूल के सौगत राय ने झारखंड के तीन विधायकों से जुड़ा मुद्दा उठाया। कांग्रेस नेता अधीर रंजन ने नेशनल हेराल्ड से जुड़े मुद्दे को उठाने की कोशिश की, लेकिन पीठ ने इसकी अनुमति नहीं दी। पीठ ने जैसे ही बिजली मंत्री को ऊर्जा संरक्षण (संशोधन) बिल पेश करने की अनुमति दी। विपक्ष ने हंगामा कर दिया।
13वें दिन राज्यसभा में पहला शून्यकाल
आखिरकार राज्यसभा में सत्र के 13वें दिन सुचारु कामकाज की बहाली हो गई। मानसून सत्र में पहली बार शून्यकाल हुआ। कांग्रेस के प्रमोद तिवारी ने स्विस बैंकों में भारतीयों के बढ़ते धन के मसले पर ध्यान आकर्षित कराया। भाजपा के सुशील मोदी ने राजनीतिक दलों द्वारा मुफ्त में दी जानेवाली वस्तुओं का मुद्दा उठाकर इस पर चर्चा कराने की मांग की।
ऑनलाइन गेमिंग आईटी कानून के दायरे में
देश के अधिकतर राज्यों में सट्टेबाजी और जुआ गैरकानूनी हैं। ऐसे ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म अवैध माने जाते हैं, जिनमें संयोग (चांस) शामिल होता है। इलेक्ट्रॉनिक व सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने लोकसभा में बुधवार को कहा कि जुआ और सट्टेबाजी राज्यों के दायरे में हैं। ज्यादातर राज्यों में ये अवैध हैं। ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म बिचौलिए हैं और उन्हें सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कानून, 2000 और उसके नियमों का पालन करना होता है।
सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय आईटी अधिनियम और उसके नियमों के अनुसार सभी बिचौलियों को नियंत्रित करता है। ऑनलाइन जुआ और सट्टेबाजी के कारण होने वाले अपराधों को रोकने के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों पर एक सवाल के जवाब में चंद्रशेखर ने कहा कि पुलिस और सार्वजनिक व्यवस्था राज्य के विषय हैं। इसलिए ऐसे अपराधों की रोकथाम के लिए राज्य और केंद्र शासित प्रदेश मुख्य रूप से जिम्मेदार हैं।