भारतीय मौसम विभाग के अनुसार मानसून का कम दवाब वाला क्षेत्र हिमालय की तलहटी से उत्तर की ओर बढ़ रहा है, जिससे 20 सेंटीमीटर से भी ज्यादा की बारिश होने की संभावना है और पूर्वीय राज्यों से मानसून दक्षिण की तरफ बढ़ रहा है। मौसम विभाग का कहना है कि मानसून के घुमते रहने के साथ भी सक्रिय मानसून वर्षा 14-16 जुलाई उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में हो सकती है।
एक जून से तीन उपमंडल में सबसे ज्यादा (60 फीसदी और उससे ज्यादा) की बारिश पड़ी है, 12 उपमंडलों में ज्यादा बारिश हुई, 15 में सामान्य और छह कम हुई है। केंद्रीय पानी कमीशन के अनुसार 11 जुलाई को 30 स्टेशन जिसमें एक अरुणाचल प्रदेश, 14 असम, एक पश्चिम बंगाल, दस बिहार और चार यूपी के शामिल हैं, बाढ़ की वजह से धाराप्रवाह स्थिति में थे और 20 स्टेशन (नौ असम में, पांच बिहार में, तीन यूपी में, तीन पश्चिम बंगाल में, एक दमन और द्वीप में और एक अरुणाचल प्रदेश में) सामान्य बाढ़ की स्थिति से ज्यादा पानी थी।
इस मानसून देश में 14 फीसदी ज्यादा बारिश पड़ी है, मध्य भारत में 20 फीसदी ज्यादा, 16 फीसदी दक्षिण पेनिनसुला, पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में 14 फीसदी ज्यादा बारिश पड़ी है। इसके अलावा उत्तर पश्चिम भारत में तीन फीसदी कम बारिश पड़ी है।
पिछले हफ्ते सात जुलाई को गुजरात के ओखा में 48 सेंटीमीटर बारिश पड़ी थी, पांच जुलाई को खंबाला में 49 सेंटीमीटर, कल्याणपुर में 36 सेंटीमीटर और पोरबंदर में 29 सेंटीमीटर बारिश पड़ी थी। तीन जुलाई को मुंबई और ठाणे में भी बहुत तेज बारिश पड़ी थी, जिसें मुंबई के कोलाबा में 17 सेंटीमीटर और ठाणे में 38 सेंटीमीटर बारिश पड़ी थी।