दक्षिण पूर्व अरब सागर के ऊपर कम दबाव वाले क्षेत्र में एक चक्रवात सर्कुलेशन बन गया है, जो आने वाले दो दिनों में तेज हो जाएगा। भारत मौसम विभाग ने बताया कि केरल में मानसून के जल्द आने की संभावनाएं हैं। हालांकि, विभाग ने केरल में मानसून आने की तारीखों का एलान नहीं किया है। विभाग का कहना है कि दक्षिणी अरब सागर के ऊपर पश्चिमी हवाएं 2.1 किलोमीटर ऊपर तक चलता है। चक्रवात सर्कुलेशन के कारण बादल एक साथ हो जाते हैं और उसी क्षेत्र में केंद्रित रहता है।
चार जून तक केरल में दस्तक देगा मानसून
जानिए, पिछले साल कब प्रवेश किया था दक्षिण-पूर्वी मानसून
भारत के कृषि क्षेत्र के लिए बारिश अधिक महत्वपूर्ण
कुछ दिनों पहले, आईएमडी ने कहा था कि एल नीनो के कारण दक्षिण-पश्चिम मानसून से भारत में सामान्य बारिश होने की उम्मीद है। उत्तर-पश्चिम मानसून में सामान्य से कम बारिश होने की संभावनाएं होती हैं। जबकि, पूर्व, उत्तर-पूर्व, मध्य और दक्षिणी प्रायद्वीप में सामान्य बारिश होने की संभावना होती है। भारत के कृषि क्षेत्र में सामान्य बारिश अधिक महत्वपूर्ण है। खेती का 52 प्रतिशत क्षेत्र सामान्य क्षेत्र पर निर्भर करता है। इससे बिजली उत्पादन के साथ-साथ पीने के पानी के लिए महत्वपूर्ण है।
सामान्य से अधिक गर्मी रहने का जताया था अनुमान
अब, जानिए क्या होता है अल नीनो और ला नीना