कुल बारिश- 664.3 मिमी
अनुमान- 707.4 मिमी
उत्तर पश्चिम भारत
कुल बारिश- 480.8 मिमी
अनुमान- 502.9 मिमी
मध्य भारत
कुल बारिश- 786.1 मिमी
अनुमान- 794.1 मिमी
पूर्व और उत्तर पूर्व भारत
कुल बारिश- 860.1 मिमी
अनुमान- 1141.7 मिली
दक्षिणी हिस्सा
कुल बारिश- 606.4 मिमी
अनुमान- 559.5 मिली
उत्तर पूर्व भारत में कम बारिश का प्रतिशत
मणिपुर- 53%
मेघालय- 42%
अरुणाचल- 35%
यूपी, बिहार, गुजरात में बारिश सामान्य, पर आधे हिस्से में सूखे के हालात हैं। इन सम्मिलित राज्यों में कुल 627.4 मिली बारिश हुई है। यानी 25% पानी कम गिरा। झारखंड में कुल 25% कम बारिश हुई जिससे 75% हिस्से सूखे से जूझ रहे हैं। झारखंड की ही बात करें तो राज्य में 24 जिले हैं। 8 सामान्य और 15 में कम बारिश हुई। एक में अत्यधिक कम बारिश हुई है। यानी आधे से राज्य में कम बारिश हुई है।
उत्तर प्रदेश- 15% हिस्सा बाढ़ में और आधे राज्य में सूखे जैसी स्थिति। राज्य में 72 जिले हैं। 27 में सामान्य और 16 में ज्यादा बारिश हुई है। 28 में सामान्य से कम और एक में अत्यधिक कम बारिश हुई है। यहां कन्नौज जिले में 60% और कुशीनगर में 85% सामान्य से ज्यादा बारिश देखने को मिली है।
हरियाणा- कुल 24% कम बारिश, 60% में सामान्य से कम बारिश हुई है। राज्य में 21 जिले हैं। 9 में सामान्य और 12 में कम बारिश हुई। यानी राज्य के 60% हिस्से में कम बारिश। यहां सूखे जैसी स्थिति है। रोहतक में 53%, सोनीपत में 50%, पंचकुला में 50%, पानीपत में 46% तक कम बारिश हुई है।
राजस्थान- राज्य में 33 जिले हैं। 17 में सामान्य और 6 में ज्यादा बारिश हुई है। 10 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई। यानी एक तिहाई हिस्सा संकट में है। हनुमानगढ़ में 54% और बाड़मेर में 41% कम बारिश हुई है। बीकानेर में 36% ज्यादा बारिश हुई है।
गुजरात- गिर सोमनाथ में बाढ़ और आधे राज्य में अब तक कम बारिश हुई है। राज्य में 33 जिले हैं। 12 में सामान्य, 2 में ज्यादा और एक में अत्यधिक बारिश हुई है। बाकी 16 जिलों में कम बारिश हुई है। यहां गिर सोमनाथ में बाढ़ देखी गई। इन इलाकों में सामान्य से 83% ज्यादा बारिश देखी गई।
मध्य प्रदेश- यहां मानसून अच्छा रहा, 95% हिस्सों में अच्छी बारिश हुई। राज्य में 51 जिले हैं। 40 में सामान्य और चार में ज्यादा बारिश। सात जिलों में कम बारिश हुई है। कुल मिलाकर मानसून यहां अच्छा रहा है।
महाराष्ट्र में भी 5% ज्यादा बारिश हुई है। यहां सोलापुर जिले के करमाला में 65% कम बारिश हुई।
दरअसल, बारिश कराने में उपयोगी अलनीनो कमजोर पड़ गया है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 15 दिनों तक मानसून में प्रगति की उम्मीद कम है। सितंबर में कुल मानसून की 5% बारिश ही होती है। इस बार मानसून सीजन में 4 साल की तुलना में बाढ़ की घटनाओं में कमी आई है। बावजूद इसके इस बार तबाही ज्यादा हुई है। केरल, यूपी, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और कर्नाटक में सबसे ज्यादा जनहानि हुई है। बाढ़ से 9 राज्यों के 1310 लोग मारे गए हैं। 75 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। केरल में सबसे ज्यादा 443 मौतें हुई हैं। हिमालयी राज्यों में बारिश और लैंडस्लाइड के चलते 200 मौतें हुई हैं।
2017 में देश के 15 से ज्यादा राज्यों में बाढ़ थी। 1200 लोगों की मौत हुई थी। वहीं 2016 में बाढ़ से 936 मौतें हुई थीं। देश के 10 से ज्यादा राज्यों में बाढ़ ने तबाही मचाई थी। साल 1953 से औसतन भारत में हर साल 1600 मौतें होती हैं।