ईडी : क्या आप संजय भंडारी, शिखर चड्ढा और मनोज अरोड़ा को जानते हैं?
वाड्रा : मैं केवल मनोज अरोड़ा को जानता हूं। वो मेरी कंपनी स्काइलाइट हॉस्पिटैलिटी एलएलपी के पूर्व कर्मचारी थे। संजय भंडारी और शिखर चड्ढा से मेरा कोई व्यापारिक संबंध नहीं है।
ईडी : लंदन में आपकी कितनी संपत्तियां हैं?
वाड्रा : लंदन में मेरी किसी तरह की कोई संपत्ति नहीं है। मैंने वहां अब तक कोई संपत्ति नहीं खरीदी। ऐसे में मालिकाना हक का सवाल ही नहीं उठता है।
ईडी : क्या लंदन में ऐसी कोई संपत्ति है जो आपके स्वामित्व की नहीं लेकिन उस पर आपने पैसा लगाया हो?
वाड्रा : प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर मेरी कोई भी संपत्ति लंदन में नहीं है।
ईडी : इसके अलावा क्या यूरोप में आपकी कोई संपत्ति है?
वाड्रा ने इस प्रश्न का कोई जवाब नहीं दिया।
ईडी : क्या आप पीसी थंपी को जानते हैं, जो लंदन में 12 ब्रायनस्टन स्कावयर स्थित संपत्ति के मालिक थे। इस संपत्ति के संबंध में आपके पास ई-मेल आया जिस पर आपने उसके पुनर्निर्माण को मंजूरी दी।
वाड्रा : मेरे पास ऐसा कोई मेल नहीं आया। (हालांकि ईडी ने उन्हें कुछ ई-मेल दिखाए।)
ईडी : अगर आप सुमित चड्ढा को नहीं जानते तो वह आपसे किस लेनदेन के बारे में पूछ रहा था? मेल में ‘अरोड़ा देख लेगा’ का जिक्र था।
वाड्रा : मैं ऐसे किसी मेल के बारे में नहीं जानता। ऐसा कोई मेल नहीं आया।
ईडी का दावा लंदन की संपत्ति से जुड़ा मामला
गौरतलब है कि यह केस लंदन के 12, ब्रायनस्टन स्क्वायर स्थित संपत्ति से जुड़ा है। ईडी का दावा है कि यह फ्लैट भगोड़े रक्षा दलाल संजय भंडारी ने 16.80 करोड़ रुपये में खरीदा था। इसकी मरम्मत पर 62 लाख रुपये खर्च करने के बाद भंडारी ने 2010 में 16.80 में ही इसे वाड्रा के नियंत्रण वाली फर्म को दे दिया। वहीं, भाजपा वाड्रा की 8-9 संपत्तियां बता रही है। भाजपा ने इन्हें यूपीए शासन काल में 2005 में हुए रक्षा सौदे और 2009 में हुई पेट्रोलियम डील से जोड़ा है।
अदालत ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी और रॉबर्ट वाड्रा के करीबी सहयोगी मनोज अरोड़ा की गिरफ्तारी पर रोक बुधवार को 16 फरवरी तक बढ़ा दी। इस मामले में अगली तारीख पर रॉबर्ट वाड्रा की अग्रिम जमानत पर भी सुनवाई होनी है। वाड्रा की गिरफ्तारी पर भी 16 फरवरी तर रोक है।
मामला लंदन स्थित 19 लाख पाउंड की संपत्ति की खरीद में हुई मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है। ईडी इस मामले में मनोज अरोड़ा से कई दिन से पूछताछ कर रही है। इस जांच में बुधवार को वाड्रा भी शामिल हो गए।
पटियाला हाउस अदालत के विशेष सीबीआई जज अरविंद कुमार के समक्ष प्रवर्तन निदेशालय की दलीलों पर सुनवाई हुई। ईडी के मुताबिक, मामला लंदन में 12 ब्रायंस्टन स्क्वायर में 19 लाख पाउंड की संपत्ति से जुड़ा है। यह संपत्ति रॉबर्ट वाड्रा की है। इसकी खरीद के लिए फंड की व्यवस्था अरोड़ा ने की थी। इसके अलावा, उसे अन्य संपत्तियों की भी जानकारी है, लेकिन वहां जांच में सहयोग नहीं कर रहा है। उसे कई बार समन भेजा गया, लेकिन वह जांच में शामिल नहीं हुआ।
ईडी ने कोर्ट को बताया था कि इस संपत्ति को फरार आर्म्स डीलर संजीव भंडारी की कंपनी के जरिये दिसंबर 2009 में खरीदा गया था। इसके लिए भुगतान भंडारी की दुबई स्थित कंपनी ने किया था। इसके बाद यह कंपनी स्काइलाइट इन्वेस्टमेंट ने खरीद ली। जून 2010 में कंपनी के खाते से इसके लिए करीब 19 लाख पाउंड का भुगतान हुआ।