मनी लांड्रिंग के आरोप में लगातार घिरती जा रहीं राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी मीसा भारती ने पूरे मामले से पल्ला झाड़ लिया है। उन्होंने कहा है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जिस कंपनी के खिलाफ जांच कर रहा है उसका जिम्मा उनके पति शैलेष कुमार और मृत सीए संदीप शर्मा पर था। हालांकि ईडी ने कहा कि ‘दोनों ने सक्रिय रूप से साजिश’ रचते हुए शैल कंपनियों का इस्तेमाल कर 1.2 करोड़ रुपये का धन शोधन किया।
ईडी ने मीसा-शैलेष के खिलाफ दिसंबर में चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें कहा गया है कि दोनों इस मामले में पक्षकार थे और अपराध की प्रक्रिया से सीधे जुड़े हुए थे। इसमें संपत्ति को छिपाना, कब्जा और अधिग्रहण अथवा इस्तेमाल या इसे बेदाग संपत्ति बताना शामिल है। इसलिए दोनों मनी लांड्रिंग के दोषी है।
दिल्ली की एक विशेष अदालत ने इस चार्जशीट का संज्ञान लेते हुए अभियोजन की शिकायत को मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत बताया है। दोनों को इस मामले में समन किया गया है। मीसा और शैलेष के सोमवार को कोर्ट के समक्ष पेश होने की संभावना है।
यह मामला दिल्ली में एक फार्म हाऊस की खरीद से जुड़ा है। मीसा भारती और उनके पति शैलेष कुमार ने इसे अपनी कंपनी मैसर्स मिसाइल पैकर्स एंड प्रिंटर्स प्रा. लिमिटेड के नाम से खरीद था। आरोप है कि वर्ष 2008-09 में इसके लिए 1.2 करोड़ रुपये मनी लांड्रिंग के जरिये इस्तेमाल किए गए।
मीसा को ईडी ने इस मामले में पूछताछ के लिए बुलाया था। उन्होंने एजेंसी के सवालों को संक्षिप्त में उत्तर दिया। मीसा ने कहा कि कंपनी की रोजमर्रा की गतिविधियों को उनके पति शैलेष और कंपनी की बिजनेस गतिविधियों को दिवंगत सीए संदीप शर्मा देखते थे। इसलिए उनके पति और मृत सीए ही कंपनी और फार्म हाऊस की खरीद से संबंधित सवालों को जवाब देने की बेहतर स्थिति में हैं।