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मनी लॉन्ड्रिंग केस: महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख की जमानत याचिका पर फैसला 14 को, मलिक ने हाई कोर्ट से लगाई गुहार

Wed, 09 Mar 2022 08:58 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री नवाब मलिक ने बुधवार को बॉम्बे हाई कोर्ट से उन्हें हिरासत से रिहा करने संबंधी अंतरिम आदेश पारित करने का अनुरोध किया। ईडी ने पिछले महीने मलिक को गिरफ्तार किया था।
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राकांपा नेता नवाब मलिक। - फोटो : PTI
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विस्तार
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धन शोधन निरोधक कानून (पीएमएलए) विशेष कोर्ट महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख की जमानत याचिका पर 14 मार्च को फैसला सुनाएगी। इससे पूर्व, 3, 4 और 5 मार्च को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने देशमुख से इस मामले के संबंध में पूछताछ की थी। देशमुख फिलहाल ऑर्थर रोड जेल में हैं।

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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अनिल देशमुख को पिछले साल 1 नवंबर को 100 करोड़ रुपये उगाही के आरोप और धन शोधन केस में गिरफ्तार किया था। मुंबई के तत्कालीन पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने उन पर तत्कालीन सहायक इंस्पेक्टर सचिन वाजे को होटलों और बार से हर माह 100 करोड़ रुपये उगाहने का काम सौंपने का आरोप लगाया था।

केंद्रीय जांच एजेंसी अब महाराष्ट्र पुलिस में चल रहे 100 करोड़ रुपये उगाही गिरोह के संबंध में पीएमएलए के तहत देशमुख का बयान दर्ज करेगी। सीबीआई की ओर से दर्ज भ्रष्टाचार मामले के आधार पर ईडी ने देशमुख और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
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मलिक ने हाई कोर्ट से लगाई गुहार
वहीं, महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री नवाब मलिक ने बुधवार को बॉम्बे हाई कोर्ट से उन्हें हिरासत से रिहा करने संबंधी अंतरिम आदेश पारित करने का अनुरोध किया। ईडी ने पिछले महीने मलिक को गिरफ्तार किया था। मलिक के वकील अमित देसाई ने कोर्ट में कहा कि पुलिस अधिकारी, काल्पनिक आधार पर मामले में उनके शामिल होने की आशंका में किसी को भी बदनाम नहीं कर सकते। यह मेरा अनुरोध है।

मलिक के वकील ने कहा कि उनकी रिहाई के बाद किसी भी तारीख को हम मामले की पूरी सुनवाई के लिए जाने को तैयार हैं, लेकिन कृपया उन्हें अंतरिम राहत प्रदान करें। वह पहले ही 16 दिन जेल में बिता चुके हैं।

ईडी ने मलिक को 23 फरवरी को भगोड़े अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और उसके सहयोगियों की गतिविधियों से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया था। अदालत ने सोमवार को उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। मामले में अगली सुनवाई गुरुवार को होनी है।

सुप्रीम कोर्ट से परमबीर सिंह को राहत
भ्रष्टाचार और वसूली मामले में घिरे मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह को सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर से राहत दी है। कोर्ट ने सिंह की अंतरिम राहत अवधि को बढ़ाते हुए 24 मार्च कर दिया है। अब मुंबई पुलिस द्वारा सिंह के खिलाफ की जा रही जांच में उन्हें 24 मार्च तक गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है। इसके साथ ही कोर्ट ने राज्य सरकार को फिलहाल अपनी जांच रोकने का आदेश दिया है। 

दरअसल, परमबीर सिंह की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर सभी मामले सीबीआई को सौंपने की मांग की गई थी। सिंह की ओर से पेश हुए वकील ने कहा था कि राज्य सरकार सिंह की जांच को विफल करने का प्रयास कर रही है। इसके बाद कोर्ट ने कहा था कि वह इस पर विचार करेगा कि सिंह के खिलाफ महाराष्ट्र पुलिस द्वारा दर्ज मामले सीबीआई को सौंपे जाएंगे या नहीं।

हालांकि, इस मुद्दे पर फैसला होने तक वह अपनी सभी जांच को रोक दे। सीबीआई की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ से कहा कि यह सभी के हित में है कि सभी मामलों की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा की जाए। इससे पूर्व पीठ ने मुंबई पुलिस को परमबीर सिंह के खिलाफ जांच जारी रखने, लेकिन उनके खिलाफ चार्जशीट पेश करने से रोक लगाई थी। 

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