राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के चीफ मोहन भागवत ने भारत के पास यूनाइटेड नेशन्स सिक्योरिटी काउंसिल (यूएनएससी) में स्थाई सीट और वीटो पावर न होने पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि भारत एक प्रबल दावेदार है, जिसे यूएनएससी में स्थाई सीट मिलनी चाहिए। साथ ही उसे वीटो पावर हासिल करने का पूरा हक है। उन्होंने दुनिया में भारत को सबसे मजबूत सैन्य शक्ति बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
राजधानी के इंडिया इंटरनेशनल मॉल यूनाडिट नेशन्स में एक कॉन्फ्रेंस में पहुंच कर भागवत ने यह मांग उठाई है। उनका कहना है कि भारत इसके लिए एप्लाई नहीं कर रहा है, लेकिन हम इसकी मांग करते हैं। लेकिन भारत अब एक ऐसा देश है, जो कि वीटो पावर का दावेदार है।
हालांकि, भारत को शांति के प्रति उदार बताते हुए भागवत ने कहा कि दुनिया में भारत एक शांत राष्ट्र है, हमने दोस्ती और प्यार के लिए हमेशा काम किया है। वीटो पावर हासिल करने पर फिर जोर देते हुए उन्होंने भारत को एक बड़ी इक्नोमी पावर बताया। उन्होंने कहा कि अब एक सबसे मजबूत सैन्य शक्ति बनाने की जरूरत है।
दुनिया सिर्फ शक्ति की इज्जत करती है। अगर सच कहा जाए तो हमें इसे हासिल करना ही होगा। इसलिए हम इसके लिए आवाज उठाएंगे। उन्होंने इसे कारगर साबित करने के लिए युवाओं से मदद के लिए अपील की।