टीम इंडिया के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी पर लगा हसीन जहां के गवाह को धमकाने का आरोप सीओ की जांच में बेदम निकला। ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज शिकायत की जांच पड़ताल पूरी हो गई है। एसपी के आदेश पर सीओ ने इस प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट पोर्टल पर भेज दी है।
जांच रिपोर्ट के मुताबिक शमी पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हो पाई है। इसलिए इस शिकायत पर आगे कोई कार्रवाई की जरूरत नहीं है। डिडौली थानाक्षेत्र के गांव मूंढा इम्मा निवासी अरमान ने क्रिकेटर मोहम्मद शमी पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था।
अरमान का आरोप था कि शमी ने व्हाट्सएप ग्रुप हेल्प टूगेदर में उसे जोड़कर इंडिया आकर उसे देख लेने की धमकी दी थी। अरमान ने इसकी शिकायत ऑनलाइन पोर्टल पर की थी। वह मोहम्मद शमी की पत्नी हसीन जहां की ओर से गवाह हैं। शासन से आई इस जांच को एसपी ने सीओ सिटी जितेंद्र सिंह को सौंप दी।
सीओ ने मामले में अरमान के बयान लिए। बाद में शमी के भाई हसीब के बयान भी दर्ज किए गए। इसके अलावा व्हाट्सएप ग्रुप हेल्प टूगेदर से जुड़े दो सदस्यों से भी पूछताछ की गई।
सीओ की जांच रिपोर्ट के मुताबिक ग्रुप के संदेशों का गहनता से अध्ययन करने से स्पष्ट हुआ है कि शमी और उसके भाइयों ने शिकायतकर्ता को कोई धमकी भरा संदेश नहीं लिखा, बल्कि शिकायतकर्ता ने ही बार-बार क्रिकेटर मोहम्मद शमी को भड़काने के उद्देश्य से कुछ संदेश डाले।