2017 में 9 फीदसी का उछाल देखने वाले शेयर बाजार के लिए 2017 के चुनाव अग्नि परीक्षा साबित हो सकते हैं। 11 मार्च को उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा, और मणिपुर के चुनावों के नतीजे सामने आएंगे। शेयर बाजार में इस बात की पूरी उम्मीदें हैं कि उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार बनाएगी।
हालांकि, एग्जिट पोल 9 मार्च का आएंगे जो बाजार में अस्थिरता पैदा कर सकते हैं। इंडिट्रेड कैपिटल के सुदीप बंदोप्धयाय का कहना है, "बाजार में चुनावों के नतीजों को लेकर उत्सुकता है। अगर भाजपा क्लीन स्वीप करने में सफल होती है, तो मार्केट में तेजी देखने को मिल सकती है।"
कुछ लोगों का मानना है कि इन चुनावों के नतीजे काफी हद तक 2019 की सरकार की झलक देंगे। साथ ही यह चुनाव मोदी लहर के लिए 'अग्नि परीक्षा' साबित होगी। नोटबंदी के बाद यह सरकार की पहली और सबसे बड़ी चुनौती है। जानकारों का मानना है कि बड़े राज्यों में पूर्ण बहुमत की सरकार से विकास कार्यों में तेजी आएगी।
इस वजह से औंधे मुंह नहीं गिरेगा शेयर बाजार
शेयर बाजार में गिरावट
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हालांकि, दलाल स्ट्रीट पर चल रही चहल-पहल से जाहिर होता है कि बाजार का मूड भाजपा के समर्थन में है। यदि नतीजा उम्मीद के मुताबिक नहीं आता, तो मार्केट में बड़ी गिरावट भी देखने को मिल सकती है।
बार्केले का कहना है कि 180 या उससे अधिक सीट जीतने वाली पार्टी या गठबंधन के सरकार बनाने के पूरे आसार हैं। यूपी में पूर्ण बहुमत के लिए 202 सीटों की जरूरत है। यदि किसी भी दल को, बतौर सबसे बड़ा दल, 140 या उससे कम सीट मिलती है तो सरकार की कमजोर सबसे सामने आ जाएगी और बाजार की तेजी की कलई भी खुल जाएगी।
इसके अलावा ट्रंप सरकार की विदेश नीति के बाद विदेशी संस्थागत निवेशक भारतीय बाजार पर दांव खेलने के मूड में दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, इंफोटेक के निवेशक इससे परहेज करेंगे। विदेशी निवेशकों का रुख देखकर घरेलु निवेशकों में भी स्थिरता आएगी, और भाजपा को बहुमत ने मिलने पर भी वो खरीद-फरोख्त जल्दबाजी करने से बचेंगे।