इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा तीन तलाक को क्रूरता की संज्ञा देने के एक दिन बाद शिव सेना ने शनिवार को प्रधानमंत्री से मुस्लिम महिलाओं के हित में शरीयत कानून में बदलाव करने को कहा।
हाईकोर्ट ने पूछा था कि क्या शरीयत कानून में बदलाव होना चाहिए। शिव सेना ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बिना किसी से सलाह लिए इस पर हरी झंडी दे देनी चाहिए।
अपने मुखपत्र सामना के संपादकीय में शिव सेना ने लिखा कि यह फैसला भी नोटबंदी की तरह ही क्रांतिकारी होगा। संपादकीय में लिखा गया है कि हाईकोर्ट ने जो कुछ कहा है वह फैसला नहीं है बल्कि उसकी एक राय है, लेकिन यह देश की भावना और मुस्लिम महिलाओं की पीड़ा को दर्शाता है।