पीएम नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया और डिजिटल इंडिया फार्मूले से देश के 50 टाइगर रिजर्व में बाघों की सुरक्षा होगी। इतना ही नहीं जंगलों में गश्त करने वाले वनकर्मी और अनाधिकृत घुसे लोग मोबाइल स्क्रीन पर दिखेंगे। देहरादून स्थित भारतीय वन्य जीव संस्थान ने बाघों की मॉनीटरिंग के लिए नया मोबाइल ऐप एम-स्ट्राइप्स पर काम पूरा कर लिया है। कान्हा टाइगर रिजर्व में इसे शुरू भी कर दिया गया है। 31 जनवरी को इसे जिम कार्बेट नेशनल पार्क टाइगर रिजर्व में लांच किया जाएगा।
डिजिटल इंडिया कांसेप्ट पर देश के सभी टाइगर रिजर्व के कोने-कोने को ऑनलाइन किया गया। अभी तक डेस्क टॉप के जरिये चुनिंदा इलाकों की ही ऑनलाइन मॉनीटरिंग हो पाती रही है, लेकिन अब सब काम मोबाइल से ही हो जाएंगे। इससे फायदा यह होगा कि कोई भी अधिकारी कहीं से भी टाइगर रिजर्व के किसी कोने को भी देख सकता है। इसमें वनाधिकारियों की गश्त मोबाइल पर दिख जाएगी। जंगलों में घुसने वाले संदिग्ध व्यक्ति भी पकड़ में आ जाएंगे।