मोदी कैबिनेट में करीब 65-70 मंत्रियों के शपथ लेने की उम्मीद है। लोकसभा चुनाव में 16 सीट जीतने वाली जेडीयू ने तीन मंत्री पद मांगे हैं, जिनमें दो कैबिनेट और एक राज्य मंत्री का पद शामिल है।बताया जा रहा है कि अभी जेडीयू को दो पद मिलेंगे। इनमें एक कैबिनेट और दूसरा राज्यमंत्री होगा। इसी तरह शिवसेना ने भी कम से कम तीन मंत्री पद मांगे हैं। शिवसेना के महाराष्ट्र में 18 सांसद हैं। भाजपा की ओर से कहा जा रहा है कि इन्हें भी मौजूदा हालत में दो मंत्री मिलेंगे। बाद में मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान एक अन्य पद देने के लिए सोचा जा सकता है।
भाजपा की सहयोगी पार्टी अन्नाद्रमुक को मोदी कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है। दो-तीन मंत्री अकेले पश्चिम बंगाल से बनेंगे। भाजपा ने यहां पहली बार टीएमसी को टक्कर देते हुए 18 सीट जीती हैं। तेलंगाना से भी एक मंत्री बनाया जा सकता है। यहां भाजपा के चार सांसद हैं। इसी तरह बिहार से रामविलास पासवान खुद मंत्रिमंडल का हिस्सा बनेंगे। पासवान की पार्टी ने छह सीटें जीती हैं। पंजाब से अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल कैबिनेट मंत्री बनाई जाएंगी। इस बार यूपी से 9, महाराष्ट्र से छह, गुजरात से छह, मध्यप्रदेश से चार और बिहार से तीन भाजपा सांसद चुनकर आई हैं।
माना जा रहा है कि यूपी से दो महिलाएं और बाकी प्रदेशों से एक-एक महिला सांसद केंद्रीय मंत्रिमंडल का हिस्सा बन सकती हैं। स्मृति ईरानी को कैबिनेट में बड़ा मंत्रालय दिए जाने की चर्चा है। उनके साथ कोडरमा से सांसद अन्नपूर्णा देवी, महाराष्ट्र के कद्दावर नेता एकनाथ खडसे की राजनीतिक विरासत को आगे ले जाने की जिम्मेदारी संभाले उनकी बहू रक्षा खडसे (रावेर सीट), बीड से सांसद बनी प्रीतम मुंडे, सुल्तानपुर से जीती मेनका गांधी, रीता बहुगुणा जोशी और हाई प्रोफाइल सीटों में शुमार विंध्य क्षेत्र की मीरजापुर संसदीय सीट से एनडीए उम्मीदवार अनुप्रिया पटेल को मोदी कैबिनेट में जगह मिलने की बात कही जा रही है। इसी तरह अनुराग ठाकुर, गोपाल शेट्टी, तेजस्वी सूर्या, गजेंद्र शेखावत, खडसे रक्षा निखिल, सुभाष सरकार, ज्योर्तिमय सिंह महतो, राजू बिस्टा, मोहन मंडावी और प्रीतम मुंडे जैसे सांसदों को कैबिनेट में जगह दिए जाने की संभावना है।
पुराने चेहरे जो बचा सकते हैं अपनी कुर्सी
राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, निर्मला सीतारमण, रविशंकर प्रसाद, पीयूष गोयल, नरेंद्र सिंह तोमर, सुरेश प्रभु, मेनका गांधी, राव इंद्रजीत, वीके सिंह, जयंत सिन्हा, प्रकाश जावड़ेकर जैसे पुराने चेहरे बने रहेंगे। इसके अलावा राज्यवर्धन सिंह राठौर, धमेंद्र प्रधान और जेपी नड्डा सहित कई नेता अपनी कुर्सी बरकरार रख सकते हैं।