मोदी फैलाते नफरत संघ कराता दंगा : राहुल
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अलीगढ़ के इगलास में शुक्रवार को राहुल गांधी की सभा था। इस दौरान वहां दिनेश शर्मा और नीटू तोमर एंड पार्टी 'रागिनी' पेश कर रही थी। मनोज ने माइक थाम रखा था और राहुल गांधी के बारे में बताना शुरू किया। रागिनी बंद हुई तो भीड़ ने हूटिंग शुरू कर दी और राहुल की शभा में मोदी मोदी... होने लगा। ये देख कर कांग्रेसियों के पसीने छूट गए।
आनन-फानन में कांग्रेस के बड़े नेता हरकत में आ गए। भीड़ को पहले समझाया गया और फिर कहा गया कि पैसे देकर कुछ लोग भेज गए हैं। इस पर भी बात नहीं बनी तो चौ. बिजेंद्र सिंह ने माइक संभाला और उनके समझाने के बाद लोग शांत हुए।
इससे पहले राहुल की सुरक्षा के नाम पर जनता को खाशी मशक्कत करनी पड़ी। सुरक्षा का जिम्मा संभाल रहे सीओ पंकज श्रीवास्तव ने आराम से रागिनी सुन रही भीड़ को बाहर बुला कर उनकी चेकिंग कराई।
आरएसएस के डीएनए में डिक्टेटरशीप
राहुल गांधी बरेली में खुशनुमा मूड में
राहुल गांधी ने वहां मुस्लिम बुद्धिजीवियों के साथ मंत्रणा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि कांग्रेस ही ऐसी पार्टी है जो सभी धर्म संप्रदायों को साथ लेकर चलती है। जबकि, आरएसएस के डीएनए में डेमोक्रेसी (लोकतंत्र) नहीं है, बल्कि डिक्टेटरशीप (तानाशाही) है। उन्होंने सलाह दी, बदले माहौल में मुस्लिमों को भयभीत होने की जरूरत नहीं है।
इसलिए नहीं बोलीं शीला दीक्षित
राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कुल 13 मिनट का भाषण दिया। 7 बजकर 52 मिनट में उनका कार्यक्रम खत्म होने के बाद उन्हें राया इलाके में सभा को संबोधित करने जाना था। वहां राहुल का लोगों को ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ा इसलिए इगलास में शीला दीक्षित का संबोधन नहीं हुआ।
रोड शो में दिखी गुटबाजी
खाट सभा के दौरान मंच पर मौजूद राहुल गांधी, शीला दीक्षित , इमरान मसूद और अन्य नेता।
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मेडिकल रोड जकरिया मार्केट में छर्रा से प्रत्याशी रहे परवेज अहमद के समर्थक काफी संख्या में मौजूद थे। जब टहां काफिला नहीं रुका तो भीड़ ने उनकी गाड़ी घेर ली। इस पर राहुल ने लोगों को समझाने की कोशिश की। बाद में उनकी नजर परवेज पर पड़ी तो उन्होंने उसे बुलाकर कहा कि तुम्हारी मेहनत से मैं वाकिफ हूं। इसके बाद समर्थकों ने विवेक बंसल विरोधी नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद कुछ वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें शांत कराया और नारेबाजी रुकवाई।