नोट बंदी को लेकर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान और भाषणों पर निशाना साधा है। कांग्रेस प्रवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि पीएम अब चाय बनाना भूल चुके हैं। वे जिस कड़क चाय की बात कर रहे हैं वह कड़वी है उसमें चीनी तो है नहीं। जबकि कड़क चाय में मिठास बहुत होती है। उन्हें गरीब आदमी घरों में चैन की नींद सोता हुआ दिख रहा है जबकि वह सड़कों पर लाइन लगाए खड़ा है। सिब्बल ने प्रधानमंत्री की मां के लाइन में लगकर नोट बदलने पर कहा कि कोई भी सपूत नहीं चाहेगा उसकी बुजुर्ग मां लाइन में लगे।
सिब्बल ने कहा कि पीएम ने कहा है कि मैं सब कुछ त्याग कर छोड़कर यहां आया हूं। पीएम कौन सा महल में रह रहे थे। कौन सी संपत्ति थी जो जनता को देकर आए हैं। त्याग गौतम बुद्ध ने किया। स्वतंत्रता सेनानियों ने किया, वे परिवार छोड़कर आंदोलन से जुड़े।
पीएम ने पहले दो-तीन दिन का वक्त मांगा था, अब 50 दिन मांग रहे हैं। पूर्व में विदेश से करोड़ों का काला धन सौ दिन में लाने और लोगों के खातों में 15 लाख रुपये देनेे का असत्य हम सुन चुके हैं ऐसे में कोई क्यों विश्वास करे।
सिब्बल ने कहा कि देश के सुदूर इलाकों में एटीएम मशीनों से पैसे नहीं निकल रहे हैं। किसान फसल बुआई के लिए बीज और खाद नहीं खरीद पा रहा है। फल और सब्जी मंडियों में कोई काम नहीं हो रहा है। ट्रांसपोर्टेशन बिजनेस बंद है ट्रकों पर माल नहीं जा रहा है।
दिहाड़ी मजदूर और गरीब परेशान हैं और मोदी कहते हैं कि वे चैन की नींद सो रहा है। सिब्बल ने उंगली पर स्याही लगाकर रकम देने पर कहा कि इसका कानून के साथ कोई ताल्लुक नहीं है। अपनी ही रकम निकालने के लिए लोग दर दर भटक रहे हैं। सरकार कहती है छह महीने से तैयारी थी अगर ऐसा था तो आरबीआई के नए गवर्नर के हस्ताक्षर कैसे हो गए। उर्जित पटेल ने 4 सितंबर को ज्वाइन किया था।