कोरोना महामारी की दूसरी लहर से न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया त्रस्त है। संकट के इस दौर में देश में सोशल मीडिया पर झूठी और भ्रामक खबरों की बाढ़ आ गई है। पुरानी खबरों और पुरानी तस्वीरों को कोरोना बीमारी से जोड़कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा है। इससे देशवासियों में दहशत फैल रही है। इसे देखते हुए गृह मंत्रालय के निर्देश पर इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने ऐसी 100 से ज्यादा पोस्ट हटवा दी हैं।
सरकारी सूत्रों के अनुसार पिछले कुछ समय से कोरोना महामारी से संबंधित पुरानी सूचनाओं और फर्जी खबरों को गलत तस्वीरों और आंकड़ों से जोड़कर सोशल मीडिया पर तेजी से फैलाया जा रहा था। सोशल मीडिया यूजर्स सोशल साइट्स का गलत इस्तेमाल कर रहे थे।
कोरोना महामारी को लेकर किए जा रहे इस दुष्प्रचार पर सरकार की नजर पड़ी। सूत्रों ने बताया कि इसके बाद गृह मंत्रालय ने आईटी मंत्रालय को निर्देश दिया कि गलत सूचनाएं व भ्रामक सूचनाओं पर रोक लगाई जाए। मंत्रालय का कहना है कि कोरोना पर कुछ सोशल यूजर्स गलत सूचनाएं दे रहे थे जिससे भ्रम की स्थिति बन रही थी। इसे देखते हुए सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट हटवाए गए हैं।
इन पोस्ट को हटवाने का मकसद यह है कि महामारी के खिलाफ जंग में खलल न पड़े और इन पोस्टों के कारण व्यवस्था में बाधा न आए। सूत्रों ने कहा कि सरकार आलोचना, मदद का आग्रह, मांग व सुझाव का स्वागत करती है, क्योंकि कोविड-19 के खिलाफ जंग सामूहिक रूप से ही जीती जा सकती है। लेकिन ऐसे गंभीर मानवीय संकट के दौरान अनैतिक उद्देश्यों के लिए जो लोग सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर रहे हैं, उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई जरूरी है।
कोविड-19 को बताया जा रहा था साजिश
सूत्रों का कहना है कि सोशल मीडिया के कुछ यूजर्स द्वारा कोविड-19 महामारी को लेकर सुनियोजित दुष्प्रचार किया जा रहा है। कुछ यूजर्स इस महामारी को साजिश बता रहे हैं और कोविड प्रोटोकाॅल जैसे मास्क पहनने आदि का पालन नहीं करने की बातें फैला रहे हैं।
पुरानी तस्वीरों का उपयोग करने वाले अकाउंट ब्लाॅक
मंत्रालय के निर्देश पर सोशल साइट्स ने कुछ पुरानी व असंबद्ध घटनाओं के मृतकों के फोटो व वीडियो को इस महामारी से जोड़ते हुए जारी की गई पोस्ट हटाने के साथ ही उनके यूजर्स के अकाउंट ब्लाॅक कर दिए हैं।