Gujarat: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जनजातीय समुदाय के उत्थान और सशक्तिकरण पर जोर दिया और कहा कि पीएम मोदी ने आदिवासियों को उनकी सही पहचान दिलाई। उन्होंने आदिवासी छात्रों को मातृभाषा में परीक्षा का विकल्प देने और शिक्षा में सुधार के लिए मोदी सरकार के प्रयासों का जिक्र किया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को जनजातीय समुदाय के उत्थान और सशक्तिकरण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आदिवासियों को उनकी सही पहचान दिलाई। शाह गुजरात के डांग जिले के संतोकबा ढोलकिया विद्या मंदिर में ग्रामीणों और आदिवासी समुदाय के छात्रों से बातचीत कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि चिकित्सा, इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा में आदिवासी छात्रों के लिए भाषा एक बड़ी बाधा रही है। इस समस्या का समाधान करते हुए मोदी सरकार ने छात्रों को अपनी मातृभाषा में परीक्षा देने का विकल्प दिया है।
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उन्होंने कहा, जनजातीय समुदाय का उत्थान और सशक्तिकरण हमारी प्राथमिकता है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आजादी के बाद समुदाय को उनका सही हक दिया। यह संवाद कार्यक्रम छात्रों को प्रेरित करने और उनके शैक्षिक और करियर से जुड़े सवालों का समाधान करे के मकसद से आयोजित किया गया था। गृह मंत्री ने कार्यक्रम के दौरान शिक्षा, युवाओं के सशक्तिकरण और देश के विकास में छात्रों की भूमिका पर अपने विचार साझा किए।
शाह ने छात्रों से कहा कि कड़ी मेहनत, समर्पण की भावना ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने कहा, चाहे वह जनजातीय गौरव दिवस का उत्सव हो या द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्रपति पद पर चयन, इन चीजों ने जनजातीय समाज की गरिमा को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। उन्होंने छात्रों को यह कहते हुए डॉक्टर, इंजीनियर और लोकसेवक बनने की प्रेरणा दी कि अगर वे देश के विकास को अपना लक्ष्य बनाते हैं, तो उनका व्यक्तिगत विकास खुद ही सुनिश्चित हो जाएगा।
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गृह मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार आदिवासी छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रत्येक ब्लॉक में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय बना रही है, जिसमें 50 फीसदी से अधिक अनुसूचित जनजाति की संख्या होगी। इसके अलावा, शाह ने कहा कि आजादी के बाद देश में केवल एक केंद्रीय आदिवासी विश्वविद्यालय था, जबकि पिछले एक दशक में मोदी सरकार के तहत दो नए आदिवासी विश्वविद्यालय बनाए गए हैं। कार्यक्रम के अंत में शाह ने छात्रों को कड़ी मेहनत और ईमानदारी से अपने लक्ष्य का पालन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि छात्रों की कामयाबी देश के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और इससे भारत को एक विकसित देश बनाने में मदद मिलेगी।